- ‘आप’ सांसद संजय सिंह की पदयात्रा का जोशीला समापन
- बोले – या रोजगार दो, या 10 हजार बेरोजगारी भत्ता
- सवाल पूछने वालों पर मुकदमे, मूर्तियां और मजदूरों के हक तोड़ रही सरकार : संजय सिंह
“रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के समापन पर वाराणसी में विशाल जनसभा
वाराणसी (रणभेरी): शास्त्री घाट पर आज आम आदमी पार्टी की ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा का जोरदार समापन हुआ। इस दौरान घाट का माहौल पूरी तरह राजनीतिक जोश और नारों से गूंज उठा। सभा में मौजूद लोगों ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह का खुले दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री जैसा काम करते हुए आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया है। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में इंकलाब की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इंकलाब किसके साथ आएगा…बेईमानों के साथ या फिर संघर्षशील और जनता के बीच खड़े रहने वाले नेता संजय सिंह के साथ।

सभा में बेरोजगार युवाओं का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश और देश का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार केवल जुमले और आंकड़ों का खेल दिखा रही है। उन्होंने साफ शब्दों में मांग की कि या तो सरकार युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दे, या फिर हर बेरोजगार युवा को 10,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। वक्ताओं ने इसे कोई राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि युवाओं के हक और इंसाफ की लड़ाई बताया।


सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब हमारे सांसद अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने का विरोध करते हैं, तो उनके ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। यह दर्शाता है कि मौजूदा सरकार सवाल पूछने वालों की आवाज़ दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकार चल रही है जो मूर्तियों के साथ-साथ मजदूरों और गरीबों के हक भी तोड़ने का काम कर रही है।

सभा के अंत में जोशीले शब्दों के साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि अब पीछे हटने का नहीं, आगे बढ़ने का समय है। युवाओं से अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने और आंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि जब जनता एकजुट होकर खड़ी होगी, तो इंकलाब जरूर आएगा।

विकास के नाम पर शहर को किया जा रहा नीलाम : अजीत सिंह
आदमी पार्टी की पदयात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा में सामाजिक न्याय, बेरोजगारी और शहर की ऐतिहासिक विरासत को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया। वाराणसी के शास्त्री घाट पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अजीत सिंह ने कहा कि पदयात्रा के दौरान गांव-गांव में जनता का जबरदस्त समर्थन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि लोग ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जो संसद से लेकर सड़क तक आम आदमी की आवाज़ बुलंद करे। अजीत सिंह ने कहा कि संजय सिंह लगातार यही भूमिका निभा रहे हैं और इसी कारण जनता का भरोसा उनके साथ जुड़ रहा है।

उन्होंने वाराणसी के घाटों पर हो रहे बदलावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां कभी गरीब और जरूरतमंदों के इलाज के लिए मेहता हॉस्पिटल था, वहां अब ताज होटल खड़ा कर दिया गया है। इसे उन्होंने घाटों के निजीकरण और आम जनता के हितों की अनदेखी का प्रतीक बताया। अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि बनारस की असली सच्चाई वह नहीं है, जो प्रचार के जरिए दिखाई जा रही है।
विकास के नाम पर शहर को नीलाम किया जा रहा है और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाएं धीरे-धीरे खत्म की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। सभा के अंत में उन्होंने सांसद संजय सिंह से बनारस की पीड़ा को संसद तक पहुंचाने की अपील की।
