वाराणसी (रणभेरी): जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में मंगलवार दोपहर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में समाजवादी छात्र सभा की ओर से हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और विश्वविद्यालय के अस्तित्व को बनाए रखने की मांग करते हुए अपने हस्ताक्षर दर्ज किए। छात्र नेताओं ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के भविष्य से जुड़े फैसले छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।
अभियान के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप स्थापित किया गया है। उनका कहना था कि यदि संस्थान में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कमी थी, तो उसका समाधान नियमानुसार किया जाना चाहिए, न कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिनसे वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को संरक्षित रखते हुए आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।
समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष आयुष यादव ने कहा कि यदि सरकार को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर कोई आपत्ति थी, तो इतने वर्षों तक इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अब अचानक उठाए जा रहे कदमों से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर असर पड़ सकता है। उनका कहना था कि यदि सरकार चाहे तो विश्वविद्यालय का संचालन अपने संरक्षण में कर सकती है, लेकिन उसे समाप्त करने या नुकसान पहुंचाने जैसी कार्रवाई उचित नहीं होगी।
अभियान में मौजूद विमलेश यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान पर होने वाली कार्रवाई का सबसे अधिक प्रभाव वहां पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ता है। इसलिए सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए जिससे विद्यार्थियों के हित सुरक्षित रहें और उनकी शिक्षा बाधित न हो।
छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करना है। ऐसे में किसी भी संस्थान के संबंध में निर्णय लेते समय छात्रों के शैक्षणिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जौहर यूनिवर्सिटी के संबंध में ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे संस्थान का अस्तित्व बना रहे और वहां अध्ययनरत छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के समर्थन में अपनी एकजुटता भी दिखाई। कार्यक्रम के अंत में छात्र नेताओं ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और जनजागरण अभियान जारी रखा जाएगा।
