वाराणसी (रणभेरी): सावन माह में काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ रही भारी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच ठगी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। दर्शन जल्दी कराने और विशेष प्रवेश दिलाने का झांसा देकर कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। इसी तरह का एक मामला सोमवार तड़के सामने आया, जहां दक्षिण भारत से दर्शन करने आई एक महिला श्रद्धालु से कथित रूप से 4 हजार रुपये ले लिए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और महिला की पूरी राशि वापस कराई।
सावन में बढ़ी भीड़, ठगों की गतिविधियां भी तेज
सावन के पवित्र महीने में हर दिन देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं। भीड़ का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व खुद को जानकार या विशेष व्यवस्था से जुड़े व्यक्ति बताकर लोगों को बिना लाइन के दर्शन कराने का लालच दे रहे हैं। इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है।
पुलिस प्रशासन लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। लाउडस्पीकर के माध्यम से भी बार-बार यह घोषणा की जा रही है कि फिलहाल किसी भी प्रकार की “सुगम दर्शन” या विशेष भुगतान वाली दर्शन व्यवस्था संचालित नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग भोले-भाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
गेट नंबर-4 के पास हुआ पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 के पास यह मामला सामने आया। दक्षिण भारत से आई महिला श्रद्धालु नंदनी ने पुलिस को बताया कि एक युवक ने उनसे कहा कि वह बिना लंबी कतार में लगे तुरंत बाबा विश्वनाथ के दर्शन करा देगा। युवक की बातों पर भरोसा करते हुए महिला ने ऑनलाइन माध्यम से उसके खाते में 4 हजार रुपये भेज दिए।
रुपये लेने के बाद आरोपी महिला को किसी विशेष रास्ते से ले जाने के बजाय सामान्य श्रद्धालुओं की लाइन में ही प्रवेश कराने लगा। इस पर महिला को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। उन्होंने तुरंत विरोध जताया और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर दी।
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस
महिला की सूचना मिलते ही सिगरा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी युवक को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान युवक से महिला की पूरी 4 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन वापस कराई गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिला को राहत मिली और मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं का भी पुलिस व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से की विशेष अपील
संयुक्त पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। यदि कोई व्यक्ति जल्दी दर्शन कराने, वीआईपी प्रवेश दिलाने या विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर रुपये मांगता है तो उस पर विश्वास न करें। ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में किसी प्रकार की भुगतान आधारित सुगम दर्शन व्यवस्था लागू नहीं है। इसलिए श्रद्धालु केवल अधिकृत व्यवस्था का ही पालन करें और किसी बिचौलिए के संपर्क में न आएं।
सीसीटीवी और ड्रोन से रखी जा रही पैनी निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की धोखाधड़ी या अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि दर्शन के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को नकद या ऑनलाइन भुगतान न करें। यदि कोई व्यक्ति विशेष प्रवेश या जल्दी दर्शन का दावा करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सतर्कता और जागरूकता ही इस प्रकार की ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
