वाराणसी (रणभेरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मेडिकल की छात्राओं ने अव्यवस्था और जबरन रैली में शामिल किए जाने का आरोप लगाते हुए सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान दो छात्राओं की हालत बिगड़ गई, जबकि कई अन्य छात्राएं चक्कर खाकर गिर पड़ीं और उल्टियां करने लगीं।

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उपकार नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं जब लौट रही थीं, तभी कई छात्राएं सड़क पर ही बेहोश हो गईं। किसी तरह उन्हें कॉलेज परिसर लाया गया, जहां तीन छात्राओं की हालत गंभीर बताई गई। छात्राओं का आरोप है कि तेज धूप में उन्हें बंद पंडाल के अंदर बैठाया गया, जहां न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था थी और न ही हवा का समुचित प्रबंध। बाहर निकलने की कोशिश करने पर भी उन्हें रोका गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।

सड़क जाम कर किया विरोध
घटना से नाराज छात्राओं ने सुंदरपुर-लंका मार्ग को जाम कर दिया। उनके साथ मौजूद परिजनों और साथियों ने भी जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिसे निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एएनएम और जीएनएम छात्राओं का आरोप
प्रदर्शन में शामिल छात्राएं एएनएम और जीएनएम कोर्स की थीं। इनमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की छात्राओं के साथ फाइनल ईयर की छात्राएं भी शामिल रहीं। फाइनल ईयर की छात्राओं ने जूनियर छात्राओं की बिगड़ी हालत को देखते हुए मोर्चा संभाल लिया और अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें रैली में जबरन ले जाया गया। उनका कहना था कि कॉलेज प्रशासन ने उन्हें फोन, पैसे और यहां तक कि पानी की बोतल तक ले जाने की अनुमति नहीं दी। जबकि अन्य कॉलेजों के छात्रों को बस सुविधा और जरूरी सामान ले जाने की छूट दी गई थी।
पैदल लौटने को मजबूर छात्राएं
छात्राओं के अनुसार, कार्यक्रम स्थल से लौटते समय उनके लिए कोई परिवहन व्यवस्था नहीं की गई, जिससे उन्हें कड़ी धूप में पैदल चलकर वापस आना पड़ा। इस दौरान कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं ने सवाल उठाया कि अगर रास्ते में कोई अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?

प्रशासन मौके पर पहुंचा
स्थिति बिगड़ती देख डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीएम सिटी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अतिरिक्त बल और महिला पुलिसकर्मियों को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने छात्राओं को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराया और वार्ता के लिए उन्हें कॉलेज परिसर के अंदर ले जाया गया।

बातचीत के बाद शांत हुआ मामला
कॉलेज प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद छात्राएं कैंपस में लौट आईं और प्रदर्शन समाप्त कर दिया। एडीएम सिटी ने बताया कि बच्चों से विस्तार से बातचीत की गई है और अब वे संतुष्ट हैं।
उन्होंने कहा कि बस की व्यवस्था में देरी और भीड़ अधिक होने के कारण कुछ छात्राएं समय पर नहीं पहुंच पाईं, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने जनसभा की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
