वाराणसी (रणभेरी); काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की NSUI इकाई की ओर से लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर छात्रसंघ भवन (DSW) में भाषण एवं काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लोकतंत्र, राष्ट्रवाद, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तीकरण और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
भाषण प्रतियोगिता का विषय ‘सच्चा राष्ट्रवाद : समावेशी विकास और बहुलवादी संस्कृति का संरक्षण’ रखा गया था, जबकि काव्य प्रतियोगिता ‘आधी आबादी की पूरी उड़ान’ विषय पर आयोजित हुई। प्रतिभागियों ने भाषण और कविताओं के माध्यम से समकालीन सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन एवं योगदान को याद किया गया। इस दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना, तार्किक चिंतन और सामाजिक बदलाव की समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच भी हैं। छात्र राजनीति की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए शिक्षा में समान अवसर, रोजगार और छात्र अधिकारों जैसे मुद्दों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया गया।

NSUI-BHU इकाई की ओर से विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक संवाद, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील की गई। संगठन ने कहा कि राष्ट्र निर्माण तभी सार्थक होगा, जब विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और युवाओं की आवाज को उचित स्थान एवं सम्मान मिले।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी कपिश्वर मिश्रा और जंग बहादुर पाल शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में NSUI-BHU इकाई के अध्यक्ष मुरारी कुमार ने अतिथियों तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आशुतोष, वैभव जायसवाल, निकसन, प्रियदर्शिन मीना, गुलशन यादव, शिव कुमार राजभर, प्रसून, अजीत यादव, वैभव कृष्णा, अविनाश, राज खरवार, राजन, मुकेश, प्रिंस साहू, धर्मेंद्र पाल, अतुल, पुनीत दुबे, पीयूष, दिव्या, पलक और गिरजा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
