वाराणसी (रणभेरी): सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा स्थित बनवासी बस्ती में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। शराब के नशे में धुत एक युवक ने महज कहासुनी के बाद एक माह की मासूम बच्ची को उसके माता-पिता से छीनकर जमीन पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामूली विवाद ने लिया खौफनाक रूप
जानकारी के अनुसार अकथा क्षेत्र के रहने वाले राजेश वनवासी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके पड़ोस में रहने वाला विकास यादव अक्सर शराब के नशे में लोगों से विवाद और मारपीट करता था। शनिवार शाम भी वह नशे की हालत में मोहल्ले में पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा।
स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर वह और उग्र हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के दौरान उसने पास में लेटी एक माह की बच्ची को अचानक उठा लिया और वहां से जाने लगा। बच्ची की मां द्वारा विरोध और शोर मचाने पर आरोपी ने मासूम को ऊंचाई से जमीन पर पटक दिया।
चीखने के बाद बेहोश हुई बच्ची
जमीन पर गिरते ही बच्ची जोर-जोर से रोने लगी, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और वह अचेत हो गई। यह दृश्य देखकर परिवार और आसपास के लोग घबरा गए। परिजनों ने तुरंत बच्ची को उठाया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

डॉक्टरों के अनुसार बच्ची के सिर और सीने में चोटें आई हैं। फिलहाल उसे निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि उसकी स्थिति पहले से बेहतर है और वह खतरे से बाहर है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद पीड़ित परिवार शिकायत लेकर सारनाथ थाने पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और उन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। इससे नाराज परिवार और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए।
आक्रोशित लोगों ने अशोका इंस्टीट्यूट तिराहे पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। कुछ वाहनों के गुजरने की कोशिश पर पथराव की भी सूचना सामने आई। इससे क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और जाम समाप्त कराया गया। इसी बीच ग्रामीणों ने आरोपी विकास यादव को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
क्षेत्राधिकारी (एसीपी) विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपी विकास यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के समय वह शराब के नशे में था। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं बताई जा रही है, हालांकि इसकी अलग से जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार बच्ची के साथ हुई इस गंभीर घटना को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
क्षेत्र में आक्रोश, न्याय की मांग
घटना के बाद पूरे इलाके में रोष का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी की हरकत ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि घायल मासूम का अस्पताल में इलाज जारी है। परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए है।
