वाराणसी (रणभेरी): बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को काशी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से शहर तक उनके काफिले के गुजरने के दौरान श्रद्धालुओं ने करीब एक किलोमीटर तक फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने भी वाहन की छत पर खड़े होकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
काशी आगमन के दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी परिसर का जिक्र करते हुए कहा कि वह ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि संबंधित मामले में न्यायालय जल्द निर्णय दे। उन्होंने विश्वास जताया कि ईश्वरीय कृपा से वहां धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

एयरपोर्ट से निकलने के बाद उनका काफिला रथयात्रा क्षेत्र की ओर बढ़ा। इस दौरान आठ गाड़ियों का काफिला उनके साथ था। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने उनका स्वागत किया। एक स्थान पर उन्होंने स्थानीय आभूषण प्रतिष्ठान का उद्घाटन भी किया।
मीडिया से बातचीत में शास्त्री ने काशी की सामाजिक एकता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां विभिन्न समुदाय आपसी सहयोग के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार में धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिससे सभी वर्गों को लाभ होता है।

अपने संबोधन में उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि वह देश-विदेश में धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और राजनीति अलग विषय हैं, लेकिन सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना आवश्यक है।
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को सम्मान का स्थान दिया गया है और समाज को इस दिशा में और प्रयास करने चाहिए।
काशी में उनके कार्यक्रम के दौरान “जय श्रीराम” के जयकारों से माहौल गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए उमड़े।
