वाराणसी (रणभेरी): रोहनिया के बच्छांव में एमएससी छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार सुबह मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए मऊ निवासी पुनीत मिश्रा के पैर में गोली लगी है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का दावा है कि पुनीत का संबंध श्रेया हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे विवेक चौबे से है। मुठभेड़ के दौरान बाइक सवार उसका एक साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पुनीत की तरफ से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखे बरामद किए जाने की बात कही गई है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस आसपास के इलाकों में दबिश दे रही है।
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि पुनीत ने कथित तौर पर श्रेया की हत्या को अंजाम देने के लिए अपने कुछ साथियों को रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि हत्या की साजिश में कितने लोग शामिल थे और पुनीत की इसमें वास्तविक भूमिका क्या रही।
परिवार ने आरोपी की पहचान और पुलिस की कहानी पर उठाए सवाल
हालांकि पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में नया मोड़ आया है, लेकिन श्रेया के परिवार ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि वे पुलिस द्वारा बताए जा रहे आरोपी को पहचानते तक नहीं हैं और घटना की जांच को लेकर पहले से ही कई सवाल उठाते रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो शायद श्रेया के साथ हुई घटना का खुलासा पहले हो सकता था। परिवार ने पुलिस पर शुरुआती स्तर पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है।
चार दिन बाद भी विवेक चौबे पुलिस की पकड़ से बाहर
श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे विवेक चौबे की तलाश लगातार जारी है। 20 अगस्त को श्रेया का शव मिलने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक विवेक लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। घटना के बाद उसका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है। उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। एसओजी समेत पुलिस की चार टीमें अलग-अलग संभावित ठिकानों पर काम कर रही हैं। जांच का दायरा अब वाराणसी तक सीमित नहीं है। पुलिस आसपास के छह जिलों में उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही दो राज्यों में भी उसकी तलाश किए जाने की बात सामने आई है।
150 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाल चुकी पुलिस
विवेक तक पहुंचने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। अब तक करीब 150 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग जांचे जाने की बात पुलिस ने कही है।

कुछ फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां और आरोपी के दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस घटना से पहले और बाद के फुटेज को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवेक किस रास्ते से निकला और उसके बाद किन इलाकों में गया। तकनीकी साक्ष्यों के साथ पुलिस जमीनी स्तर पर मिली सूचनाओं को भी जोड़ रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमों को संभावित स्थानों पर भेजा गया है।
18 अगस्त को कॉलेज जाने के लिए निकली थी श्रेया
परिजनों के मुताबिक, श्रेया 18 अगस्त को घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी लेने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मोबाइल लोकेशन की जांच में बच्छांव इलाके का पता चला। इसी दौरान विवेक चौबे का नाम सामने आया। बताया गया कि विवेक बच्छांव में किराए के कमरे में रहता था और श्रेया से उसका पहले से परिचय था। परिवार ने विवेक के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो उसका संबंध मिर्जापुर के सीखड़ क्षेत्र स्थित भुआलपुर गांव से होने की जानकारी मिली। परिजन वहां भी पहुंचे, लेकिन विवेक नहीं मिला।
रिश्तेदार के पास मिली कमरे की चाबी, फिर खुला हत्या का राज
परिवार को विवेक के एक रिश्तेदार के यहां से उसके सामान के बारे में जानकारी मिली। इसी दौरान किराए के कमरे की चाबी भी परिजनों के हाथ लगी। चाबी लेकर परिवार बच्छांव स्थित कमरे पर पहुंचा। कमरे का ताला खोलते ही अंदर से तेज दुर्गंध आने लगी। परिजनों ने अंदर जाकर देखा तो बाथरूम में श्रेया का शव पड़ा था। शव की हालत खराब हो चुकी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद हत्या की जांच शुरू की गई और विवेक चौबे पुलिस की जांच के केंद्र में आ गया।
परिवार का आरोप- शादी से इनकार करने पर हत्या
श्रेया के पिता सुनील उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि विवेक उनकी बेटी से शादी करना चाहता था। परिवार के मुताबिक, श्रेया की शादी कहीं और तय होने के बाद विवेक का व्यवहार आक्रामक हो गया था।
पिता का दावा है कि विवेक ने श्रेया की मां को धमकी देते हुए कहा था कि वह भी देखेगा कि शादी कैसे होती है। परिवार के मुताबिक, श्रेया की शादी पास के गांव में तय कर दी गई थी और फरवरी 2027 में विवाह की तारीख निर्धारित थी।
परिवार का यह भी आरोप है कि संपत्ति को लेकर विवेक की दिलचस्पी थी और वह श्रेया से शादी करना चाहता था। हालांकि हत्या की असली वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बुआ का दावा- परिवार को भी धमकी दे चुका था विवेक
श्रेया की बुआ ने आरोप लगाया कि विवेक पहले भी श्रेया के पिता को जान से मारने की धमकी दे चुका था। परिवार का कहना है कि विवेक लगातार श्रेया से शादी की बात करता था। परिजनों के मुताबिक, श्रेया इस रिश्ते को लेकर सहज नहीं थी और दबाव के कारण उसने कई बातें परिवार से साझा नहीं की थीं। अब परिवार चाहता है कि पुलिस हत्या की पूरी साजिश का पता लगाए और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करे।
चचेरे भाई का आरोप- पुलिस ने समय रहते नहीं तोड़ा था कमरे का ताला
श्रेया के चचेरे भाई अंशुमान उपाध्याय ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 18 अगस्त की शाम श्रेया के घर नहीं लौटने के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया था।
उनके मुताबिक, मोबाइल लोकेशन बच्छांव क्षेत्र में मिली थी। इसके बाद वह खुद उस इलाके में पहुंचे और विवेक के किराए के कमरे के बारे में जानकारी पुलिस को दी। पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कमरे पर ताला लगा था।

परिवार ने पुलिस से कमरे का ताला खोलकर अंदर जांच करने की मांग की थी। आरोप है कि पुलिस ने ऐसा नहीं किया। परिजनों को यह बताया गया कि दोनों बालिग हैं और संभव है कि कहीं चले गए हों। परिवार का कहना है कि उस समय कमरे की जांच हो जाती तो शायद श्रेया के बारे में जल्द पता चल जाता और विवेक को भी भागने का मौका नहीं मिलता।
अगले दिन परिवार ने खुद कमरे तक पहुंचकर शव खोजा
परिजनों ने बताया कि श्रेया की तलाश अगले दिन भी जारी रही। परिवार विवेक के रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों तक पहुंचता रहा। इसी दौरान उसके रिश्तेदार के यहां से बैग और कमरे की चाबी मिलने की जानकारी मिली।
चाबी लेकर परिवार दोबारा बच्छांव स्थित कमरे पर पहुंचा। ताला खोलते ही अंदर से दुर्गंध आने लगी। जांच करने पर बाथरूम में श्रेया का शव मिला। इस घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और हत्या से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया।
पोस्टमार्टम में धारदार हथियार से चोट के संकेत
पोस्टमार्टम से सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, श्रेया की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण होने की बात सामने आई है। शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिलने की जानकारी भी दी गई है। पुलिस ने जांच के लिए आवश्यक नमूने सुरक्षित कराए हैं। अब फोरेंसिक और अन्य रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हत्या किस तरह और किन परिस्थितियों में हुई।
NEET की तैयारी करना चाहती थी श्रेया
परिवार के मुताबिक, श्रेया उनकी इकलौती बेटी थी और वह आगे चलकर मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती थी। वह NEET की तैयारी करना चाहती थी। माता-पिता उसे पढ़ाई के लिए घर से दूर भेजने को लेकर चिंतित थे।
इसके बाद उसने वाराणसी के जगतपुर पीजी कॉलेज में दाखिला लिया था। वह एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। परिवार के मुताबिक, बेटी के भविष्य को लेकर उन्होंने कई योजनाएं बनाई थीं, लेकिन उसकी हत्या ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
मुठभेड़ में पुनीत मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद जांच में एक नया कोण जुड़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पुनीत और विवेक के बीच क्या संबंध था और हत्या की साजिश में उसकी भूमिका कितनी थी।
पुलिस के सामने यह भी सवाल है कि क्या हत्या में केवल दो लोग शामिल थे या इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क था। पुनीत द्वारा कथित तौर पर अन्य युवकों को रुपये देने का लालच दिए जाने की बात की भी जांच की जा रही है।
फरार विवेक चौबे की गिरफ्तारी इस पूरे मामले में अहम मानी जा रही है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। छह जिलों और दो राज्यों तक तलाश पहुंचने के बावजूद उसका पता नहीं चल पाया है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार पुनीत से पूछताछ, बरामद हथियारों की जांच, CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। वहीं, श्रेया का परिवार मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा होने का इंतजार कर रहा है।
