समय से पहले दौड़ शुरू कराने और धांधली के आरोपों पर भड़के प्रतिभागी, आयोजक भाजपा नेता को घेरकर दौड़ाया; पुलिस ने सुरक्षित निकालकर थाने पहुंचाया
(रणभेरी): राष्ट्रीय एकता दिवस पर शनिवार सुबह नैनी में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन में जमकर हंगामा हुआ। दौड़ के आयोजन में अव्यवस्था और धांधली के आरोप लगाते हुए प्रतिभागियों ने पुरस्कार वितरण के दौरान तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां तोड़ दी गईं और मंच पर चढ़कर नारेबाजी की गई। इस दौरान सर्टिफिकेट के लिए भी जमकर छीना-झपटी हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस आयोजक भाजपा नेता को नाराज प्रतिभागियों से बचाकर नैनी थाने ले गई।
जानकारी के मुताबिक, सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर भाजपा यमुनापार की ओर से नैनी में मैराथन का आयोजन किया गया था। इसमें करीब पांच से छह हजार प्रतिभागियों के शामिल होने का दावा किया गया। मैराथन अभिनंदन गेस्ट हाउस (मेवालाल की बगिया) से शुरू होकर अरैल घाट स्थित सच्चा बाबा आश्रम के पास सेल्फी पॉइंट पर समाप्त होनी थी।

मैराथन के विजेता को 11 हजार रुपये और उपविजेता को सात हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई थी। आयोजन का प्रबंधन पूर्व राज्य मंत्री और बारा के पूर्व विधायक रामसेवक पटेल के बेटे एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह पटेल देख रहे थे।
तय समय से पहले शुरू करा दी गई दौड़
आरोप है कि मैराथन सुबह सात बजे शुरू होनी थी, लेकिन इसे निर्धारित समय से करीब आधे घंटे पहले ही शुरू करा दिया गया। प्रतिभागियों का कहना था कि न तो विधिवत हरी झंडी दिखाई गई और न ही आधिकारिक शुभारंभ हुआ। इसके बावजूद दौड़ शुरू करा दी गई। इस अव्यवस्था के बीच ऐसे लोग भी दौड़ में शामिल हो गए, जिन्होंने पंजीकरण तक नहीं कराया था।
प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि दौड़ के दौरान कुछ लोग बाइक पर बैठकर भी निर्धारित दूरी पूरी करते नजर आए। इससे प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए। प्रतिभागियों का आरोप था कि नियमों का पालन नहीं कराया गया और दौड़ में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
आयोजक को घेरा, भागने पर दौड़ाकर पकड़ा
दौड़ समाप्त होने के बाद सच्चा बाबा आश्रम के पास बने मंच पर पुरस्कार और सर्टिफिकेट बांटे जा रहे थे। इसी दौरान नाराज प्रतिभागियों ने डॉ. देवी सिंह पटेल को घेर लिया। उन्होंने आयोजन में बेईमानी का आरोप लगाते हुए दोबारा मैराथन कराने की मांग की। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ प्रतिभागियों ने मंच के नीचे रखी कुर्सियां तोड़नी शुरू कर दीं।
हंगामा बढ़ता देख देवी सिंह पटेल वहां से निकलने लगे, लेकिन नाराज प्रतिभागियों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने किसी तरह उन्हें भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और सरकारी जीप से नैनी थाने पहुंचाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रतिभागियों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
थाने में सम्मानित किए गए विजेता, सर्टिफिकेट के लिए छीना-झपटी
हंगामे के बाद पुलिस ने थाने में विजेता प्रतिभागियों को बुलाकर सम्मानित कराया और उन्हें पुरस्कार राशि दिलवाई। उधर, कार्यक्रम स्थल पर मंच पर रखे सर्टिफिकेट को लेकर भी जमकर अफरा-तफरी मची रही। प्रतिभागी एक-दूसरे से सर्टिफिकेट छीनने लगे। दावा किया जा रहा है कि कुछ प्रतिभागी एक-एक करके करीब दस-दस सर्टिफिकेट तक उठा ले गए। मैराथन के आयोजन में अव्यवस्था और पुरस्कार वितरण के दौरान हुए हंगामे का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रतिभागियों ने आयोजन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
