(रणभेरी): महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है, जहां परीक्षा से लगभग 24 घंटे पहले पेपर लीक होने की सूचना मिलने के बाद राज्य परीक्षा परिषद (Maharashtra State Examination Council – MSEC) ने रविवार को होने वाली परीक्षा को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। अब नई परीक्षा तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
सूत्रों और पुलिस जानकारी के अनुसार, पेपर लीक की सूचना मिलते ही ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र सहित कई जगहों पर त्वरित छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध सामग्री जब्त की गई, जिसकी जांच के लिए परीक्षा परिषद के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। बरामद दस्तावेजों का मिलान और सत्यापन किया गया, जिसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
पुलिस ने इस पूरे मामले में कई लोगों को हिरासत में लेने की पुष्टि की है, हालांकि अभी तक कुल संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक की शुरुआत कहां से और किस स्तर पर हुई।
कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बावजूद सामने आई चूक
इस परीक्षा को लेकर राज्यभर में व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। कुल 1,729 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और निगरानी के लिए लगभग 18,000 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्रत्येक केंद्र की मॉनिटरिंग राज्य और जिला स्तर के नियंत्रण कक्षों से की जानी थी।
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस रिकग्निशन तकनीक का भी उपयोग किया जाना था। इसके अलावा, हर अभ्यर्थी की सख्त जांच के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे और मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू था।
प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे वैध पहचान पत्र अनिवार्य किए गए थे। इन तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद पेपर लीक की घटना ने पूरी परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित
इस परीक्षा में लगभग 4.28 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होने वाले थे। शिक्षक बनने या पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य पात्रता परीक्षा मानी जाती है, ऐसे में इसके स्थगित होने से हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी और योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
पिछले मामलों की भी बढ़ी चिंता
देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पेपर लीक की घटनाओं को लेकर लगातार चिंता बढ़ती रही है। इससे पहले नीट-यूजी, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और राजस्थान की रीट परीक्षा जैसे बड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बीते पांच वर्षों में ऐसे करीब एक दर्जन बड़े परीक्षा विवाद दर्ज किए गए हैं, जिनमें लाखों उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ।
सुप्रीम कोर्ट का TET को लेकर अहम निर्देश
इस बीच, शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का हालिया निर्णय भी चर्चा में है। 29 मई को दिए गए एक महत्वपूर्ण आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया था कि देशभर में स्कूल शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा। पहले इस पात्रता की समय सीमा 31 अगस्त 2027 तय थी, जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया है।
हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि यह अंतिम विस्तार है और इसके बाद किसी तरह की अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। अदालत ने कहा था कि बिना योग्य TET प्रमाणपत्र के शिक्षकों का सेवा में बने रहना भविष्य की शिक्षा गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। इस निर्णय का असर देशभर के 20 लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ने की संभावना है।
