भक्तों ने किए श्रीराधाकृष्ण के मनमोहक दर्शन, 60 फीट की झील और फूलों से सजी गुफा बनी आकर्षण का केंद्र
वाराणसी (रणभेरी): त्रिदेव मंदिर में इन दिनों भक्ति और कला का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में वृंदावन की तर्ज पर तैयार किया गया भव्य फूल बंगला श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर में प्रवेश करते ही भक्तों को ऐसा अनुभव हो रहा है, मानो वे किसी बर्फीली नगरी में पहुंच गए हों। फूलों, हरियाली, जल और रोशनी से की गई विशेष सजावट ने पूरे मंदिर परिसर को बेहद मनोहारी रूप दे दिया है।
फूल बंगले के बीच श्रीराधाकृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई है। झांकी के सामने करीब 60 फीट चौड़ी कृत्रिम झील तैयार की गई है। झील में तैरती बतखें, पानी के बीच खिले कमल और आसपास की फूलों की सजावट दृश्य को और आकर्षक बना रही है। झील के बीच फूलों से सजे झूले पर विराजमान श्रीराधाकृष्ण की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
कोलकाता के कारीगरों ने तैयार किया फूल बंगला
इस विशेष सजावट को तैयार करने के लिए कोलकाता से आए कारीगरों की टीम ने कई दिनों तक मेहनत की। फूल बंगले में चमेली, जूही, सफेद और गुलाबी कमल सहित विभिन्न प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया गया है। फूलों के साथ अशोक और कामिनी की पत्तियों को भी सजावट का हिस्सा बनाया गया है।
गुलाब की पंखुड़ियों से की गई सजावट ने फूल बंगले की खूबसूरती को और बढ़ा दिया है। अलग-अलग रंग और आकार के फूलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि पूरा परिसर प्राकृतिक फूलों की वाटिका जैसा दिखाई देता है।
फूलों की गुफा बनी सेल्फी और आकर्षण का केंद्र
मंदिर परिसर में फूलों से तैयार की गई एक विशेष गुफा भी बनाई गई है। कामिनी की पत्तियों के साथ रजनीगंधा, ऑर्किड और गुलाब की पंखुड़ियों से सजी इस गुफा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
गुफा के भीतर की सजावट को बेहद बारीकी से तैयार किया गया है। फूलों की खुशबू और रंग-बिरंगी सजावट के बीच श्रद्धालु कुछ देर रुककर इस मनोहारी दृश्य को निहारते नजर आ रहे हैं। कई भक्त इस विशेष सजावट की तस्वीरें भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर रहे हैं।

बर्फ की सिल्लियों से तैयार हुआ बर्फीला रास्ता
मंदिर की सजावट का सबसे अलग आकर्षण बर्फ से तैयार किया गया मार्ग है। पूरे परिसर में 300 से अधिक बर्फ की सिल्लियां बिछाई गई हैं। इन सिल्लियों के बीच से होकर श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं और देवी-देवताओं के दर्शन कर रहे हैं।
बर्फीले रास्ते और चारों ओर की फूलों की सजावट ने मंदिर के वातावरण को पूरी तरह बदल दिया है। मंदिर में कदम रखते ही ठंडक का एहसास और सामने दिखाई देने वाली फूलों की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव बन रही है।
रंगीन रोशनी से जगमगाया मंदिर परिसर
फूलों की सजावट के साथ मंदिर परिसर को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से भी सजाया गया है। अलग-अलग स्थानों पर लगाई गई लाइटिंग के कारण शाम के समय फूल बंगले की सुंदरता और अधिक निखर उठती है। रोशनी पड़ने पर फूलों के रंग और झांकी की भव्यता देखते ही बनती है।
श्रीराधाकृष्ण की झांकी, फूलों का बंगला, कृत्रिम झील, कमल, बतखें, फूलों की गुफा और बर्फीला मार्ग—इन सभी को एक साथ देखने पर मंदिर परिसर में वृंदावन के फूल बंगले जैसा आध्यात्मिक और मनोहारी वातावरण दिखाई दे रहा है।
दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु
विशेष सजावट की जानकारी मिलने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। भक्त बर्फीले रास्ते से गुजरते हुए श्रीराधाकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं के दर्शन कर रहे हैं। फूलों से सजे पूरे परिसर में भक्ति के साथ उत्सव का माहौल बना हुआ है।
मंदिर की यह विशेष सजावट श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभूति के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अनुभव करा रही है। फूलों की खुशबू, ठंडक, झील में तैरती बतखें और रोशनी से जगमगाता परिसर मिलकर त्रिदेव मंदिर को इन दिनों एक अलग ही रूप प्रदान कर रहे हैं।
