वाराणसी (रणभेरी): लंका थाना क्षेत्र में स्कूल बस और स्कॉर्पियो की मामूली टक्कर के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि स्कॉर्पियो सवार लोगों पर स्कूल बस के कंडक्टर को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने, मारपीट करने, पिस्टल दिखाकर धमकाने और रंगदारी के रूप में रुपये वसूलने का आरोप लगा है। मामले में कंडक्टर की तहरीर पर लंका पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर घटना से जुड़े लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
मामला 14 अगस्त का बताया जा रहा है। रविंद्रपुरी स्थित गोपीराधा बालिका इंटर कॉलेज की बस करीब 40 छात्राओं को छुट्टी के बाद उनके घर छोड़ने जा रही थी। बस संख्या UP65 LT 8727 में कंडक्टर सतीश यादव और चालक रविशंकर राय मौजूद थे। आरोप है कि बस जब लंका क्षेत्र के छित्तूपुर गेट के आगे शंकरजी मंदिर के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो UP65 GD 0627 बस से रगड़ खा गई।
टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद
कंडक्टर सतीश यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि स्कॉर्पियो से उतरकर उसके चालक और साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि विवाद के दौरान बस के शीशे को भी क्षतिग्रस्त किया गया। उस समय बस में बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं।
सतीश के मुताबिक, उसने स्थिति संभालने और विरोध करने का प्रयास किया तो आरोपित बस के अंदर पहुंच गए और उसके साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया गया। सतीश का कहना है कि आरोपित उसे कुछ देर तक गाड़ी में घुमाते रहे और वाहन की मरम्मत के नाम पर रुपये देने का दबाव बनाते रहे।
पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप
तहरीर में कंडक्टर ने आरोप लगाया है कि स्कॉर्पियो सवारों ने उसे पिस्टल दिखाकर डराया-धमकाया। आरोपित कथित तौर पर उससे बार-बार डेंट की रकम देने की मांग कर रहे थे। रुपये नहीं देने पर जान से मारने और बिहार ले जाकर नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
कंडक्टर के अनुसार, इसके बाद आरोपी स्कॉर्पियो लेकर स्कूल परिसर तक पहुंच गए। वहां गार्ड, ट्रांसपोर्ट इंचार्ज और प्रबंधन से जुड़े लोगों के साथ भी कथित तौर पर अभद्रता की गई।
ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को भी गाड़ी में बैठाने का आरोप
सतीश यादव ने पुलिस को बताया कि स्कूल पहुंचने के बाद आरोपितों ने ट्रांसपोर्ट इंचार्ज के साथ भी मारपीट की और उसे जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया। दोनों को कथित तौर पर धमकाते हुए वाहन से नदेसर की ओर ले जाया गया।
तहरीर के मुताबिक, आरोपितों ने कार के डेंट की मरम्मत कराने के नाम पर रुपये मांगे। रकम देने से इनकार करने पर दोनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि अंत में 7,200 रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
शराब पीने का भी लगाया आरोप
कंडक्टर ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने शराब पी रखी थी। उसके मुताबिक, आरोपितों के पास हथियार थे और वे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और घटना की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
लंका थाना प्रभारी राजकुमार के अनुसार, कंडक्टर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 281, 351(3), 352, 324(2), 115(2), 126(2), 127(2), 308(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी की बात कही है।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा कि स्कूल बस और स्कॉर्पियो के बीच हुई टक्कर के बाद विवाद किस तरह बढ़ा और लगाए गए अपहरण, मारपीट, धमकी तथा रुपये वसूलने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
