वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी शहर में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में तीनों जोन के डीसीपी, राजपत्रित पुलिस अधिकारी और कमिश्नरेट के थाना प्रभारी शामिल हुए। इस दौरान अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं की स्थिति और विभिन्न अभियानों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
पुलिस आयुक्त ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों से संबंधित रिपोर्टों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में गंभीर अपराधों, गैंगस्टर एक्ट, गोवध से जुड़े प्रकरणों, एनडीपीएस एक्ट के मामलों, ई-समन, ई-नोटिस, ई-वारंट, डिजिटल साक्ष्य अपलोडिंग, यूनिक एसआईडी तैयार करने और एसआर मामलों की प्रगति पर चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि विवेचनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी की जाए।
एनबीडब्ल्यू के निस्तारण के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में लंबे समय से लंबित गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और प्रतिदिन अभियान की समीक्षा करने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर जोर
समीक्षा बैठक में महिला अपराधों को लेकर पुलिस आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला अपराधों में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
30 दिन से अधिक लंबित न रहें विवेचनाएं
पुलिस आयुक्त ने सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि कोई भी जांच 30 दिनों से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित विवेचनाओं की लगातार समीक्षा करने और समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एनडीपीएस एक्ट के मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने को कहा गया। साथ ही गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई और अपराधियों पर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल साक्ष्य और त्योहारों की तैयारियों पर भी चर्चा
बैठक के दौरान डिजिटल साक्ष्यों को समय से अपलोड करने, न्यायिक प्रक्रिया में तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और ऑनलाइन व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
आगामी त्योहारों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, नियमित गश्त बढ़ाने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से लगातार निगरानी रखते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा सहित कमिश्नरेट के सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वाराणसी कमिश्नरेट के सभी थाना प्रभारी गूगल मीट के माध्यम से बैठक से जुड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।
