वाराणसी (रणभेरी): काशी दर्शन के लिए बिहार से वाराणसी आए एक परिवार पर मंगलवार सुबह उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब गंगा स्नान के दौरान उनकी 14 वर्षीय बेटी नदी में डूब गई। घटना मीरघाट की है। सूचना मिलने के बाद जल पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और नाविकों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। लगभग आधे घंटे की तलाश के बाद किशोरी को गंगा से बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्नान के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बिहार के छपरा जिले के बनसोई-मुशरख गांव निवासी पप्पू ठाकुर अपने परिवार के साथ काशी दर्शन के लिए वाराणसी आए थे। दर्शन-पूजन से पहले पूरा परिवार मीरघाट पर गंगा स्नान कर रहा था। इसी दौरान उनकी बेटी सिमरन ठाकुर (14) का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी की ओर चली गई।
बताया जाता है कि तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण किशोरी अपना संतुलन नहीं बना सकी। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगी। घटना को देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस व जल पुलिस को सूचना दी।
आधे घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही दशाश्वमेध चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जल पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और नाविकों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद करीब आधे घंटे में किशोरी को गंगा से बाहर निकाल लिया गया।

घाट पर मौजूद एम्बुलेंस की सहायता से उसे तत्काल कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मचा कोहराम
अस्पताल से किशोरी की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। काशी दर्शन के लिए आए परिवार की धार्मिक यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। घाट पर मौजूद लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया।
पुलिस ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई
पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों से लेने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा स्नान के दौरान पैर फिसलने और गहरे पानी में चले जाने के कारण हुआ। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बारिश के मौसम में गंगा का जलस्तर और बहाव बढ़ने से घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। प्रशासन समय-समय पर श्रद्धालुओं से निर्धारित सीमा के भीतर रहकर स्नान करने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करता रहा है।
