वाराणसी (रणभेरी): शहर के प्रमुख और व्यस्ततम इलाकों में शामिल मैदागिन चौराहा इन दिनों लगातार लगने वाले जाम की समस्या से जूझ रहा है। धार्मिक, व्यापारिक और यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस चौराहे पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों का दबाव रहता है। जाम के कारण स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मैदागिन चौराहा वाराणसी के उन प्रमुख मार्गों में शामिल है, जहां से होकर लोग बाबा काल भैरव मंदिर, मृत्युंजय महादेव मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ धाम समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों की ओर जाते हैं। धार्मिक नगरी होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन होता है। ऐसे में यातायात का दबाव बढ़ने से स्थिति कई बार गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह और शाम के व्यस्त समय में चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि कुछ दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। दोपहिया, चार पहिया वाहन, ई-रिक्शा और अन्य यात्री वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई देती है।
क्षेत्र के दुकानदारों का कहना है कि जाम का सीधा असर उनके कारोबार पर भी पड़ता है। ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है और सड़क पर अव्यवस्था के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। उनका कहना है कि यदि यातायात संचालन को लेकर नियमित निगरानी और बेहतर व्यवस्था की जाए तो समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

लोगों ने यह भी बताया कि कई मौकों पर जाम के कारण आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी रास्ता मिलने में परेशानी होती है। भीड़भाड़ वाले समय में एंबुलेंस समेत अन्य जरूरी वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैदागिन जैसे महत्वपूर्ण चौराहे पर स्थायी ट्रैफिक प्लान की जरूरत है। उनका सुझाव है कि यातायात पुलिस की सक्रिय तैनाती, अवैध पार्किंग पर रोक और वाहनों के सुचारू संचालन के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला मैदागिन चौराहा लंबे समय से बढ़ते यातायात दबाव का सामना कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के इस प्रमुख मार्ग पर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी राहत मिल सके।
