शीतला घाट स्थित सहकारी भवन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा

शीतला घाट स्थित सहकारी भवन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा

वाराणसी (रणभेरी): दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के शीतला घाट के समीप बुधवार रात एक सहकारी भवन की तीसरी मंजिल पर अचानक आग लगने से कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझ जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और आसपास की दुकानों, होटल तथा अन्य फ्लैटों को भी नुकसान से बचा लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब आठ बजे भवन की तीसरी मंजिल से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते कमरे के भीतर आग की लपटें नजर आने लगीं। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए भवन में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 10 से 15 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि आग बुझाने में थोड़ी भी देर होती तो यह आसपास के हिस्सों तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान होने की आशंका थी।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। जिस हिस्से में आग लगी, वह घटना के समय बंद था और वहां ताला लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि यह फ्लैटनुमा हिस्सा वर्तमान में स्टोर के रूप में उपयोग किया जाता था। कमरे के अंदर एक बेड, कुछ पुराना सामान और कबाड़ रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आने से जलकर नष्ट हो गया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह भवन पहले सहकारी आवास योजना के तहत बनाया गया था। समय के साथ इसके विभिन्न हिस्से अलग-अलग लोगों को बेच दिए गए। भवन के भूतल पर कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं, जबकि आग लगने वाले हिस्से के निकट एक होटल भी स्थित है। ऐसे में आग के फैलने की स्थिति में व्यापक आर्थिक नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था।

शीतला घाट स्थित सहकारी भवन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा

घटना की सूचना मिलते ही दशाश्वमेध थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई तथा आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। संबंधित विभाग भी मामले की तकनीकी जांच में जुटा हुआ है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई और लोगों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यदि आग समय पर नियंत्रित नहीं होती तो होटल, दुकानों और भवन के अन्य हिस्सों तक इसकी लपटें पहुंच सकती थीं।

फिलहाल आग से केवल स्टोर में रखा बेड और कबाड़ का सामान ही जलकर नष्ट हुआ है। किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पुराने भवनों में विद्युत वायरिंग की समय-समय पर जांच कराते रहें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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