वाराणसी (रणभेरी) : नौकरी दिलाने और कम समय में अधिक कमाई का लालच देकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने पिरामिड चेन नेटवर्क के जरिए लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य संचालक समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘साइबर वज्र’ के तहत की गई। अधिकारियों के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम ने लगातार निगरानी और जांच के बाद इस नेटवर्क तक पहुंच बनाई। पुलिस के मुताबिक, गिरोह योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था और उनसे निवेश, रजिस्ट्रेशन या अन्य बहानों से रकम वसूल करता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार युवक-युवतियों को आकर्षक नौकरी, घर बैठे अच्छी आमदनी और जल्दी आर्थिक लाभ का सपना दिखाते थे। विश्वास में लेने के बाद उन्हें पिरामिड चेन सिस्टम से जोड़ दिया जाता था। इसके बाद नए लोगों को जोड़ने और पैसे जमा कराने के नाम पर बड़ी रकम ऐंठी जाती थी।

साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो चार पहिया वाहन और नकदी बरामद की है। इसके अलावा एक बैंक खाते में जमा करीब एक लाख रुपये की रकम को भी होल्ड कराया गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा था। आरोपी अलग-अलग तरीकों से लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते थे। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाने के लिए जांच अभी जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के नौकरी, निवेश या ऑनलाइन कमाई के झांसे में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साइबर पुलिस को दें।
