वाराणसी में सुबह से झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ बदला मौसम; गर्मी और उमस से मिली राहत

वाराणसी में सुबह से झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ बदला मौसम; गर्मी और उमस से मिली राहत

वाराणसी (रणभेरी): मंगलवार सुबह से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं, बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ लगातार बारिश का दौर जारी है। सुबह से हो रही बारिश ने पूरे शहर के मौसम का मिजाज बदल दिया। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और शहर का वातावरण पूरी तरह सुहावना हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार लगातार वर्षा के कारण अधिकतम तापमान घटकर करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं लगभग 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को और अधिक सुखद बना दिया। हालांकि बारिश की वजह से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

वाराणसी में सुबह से झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ बदला मौसम; गर्मी और उमस से मिली राहत

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग के मुताबिक 9 से 12 जुलाई के बीच क्षेत्र के अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा हो सकती है। विशेष रूप से 10 और 11 जुलाई को वाराणसी सहित आसपास के जिलों में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में नहीं रुकने की सलाह दी है।

पिछले 48 घंटों में अच्छी बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान वाराणसी में लगभग 34 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं बीते 48 घंटों में कुल वर्षा का आंकड़ा 66 मिलीमीटर से अधिक पहुंच गया। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में लगभग 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) मानसूनी गतिविधियों को लगातार मजबूत कर रहा है। यह मौसम प्रणाली बिहार की ओर बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश को प्रभावित कर रही है। इसी कारण पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र और अधिक मजबूत होकर डीप डिप्रेशन का रूप लेता है, तब वातावरण में नमी की मात्रा काफी बढ़ जाती है। इसके प्रभाव से बड़े पैमाने पर बादल सक्रिय होते हैं और लगातार तथा व्यापक वर्षा देखने को मिलती है।

वाराणसी में सुबह से झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ बदला मौसम; गर्मी और उमस से मिली राहत

देरी से पहुंचा मानसून, अब पकड़ रहा रफ्तार

इस वर्ष मानसून पूर्वांचल में सामान्य समय की तुलना में लगभग दो सप्ताह की देरी से पहुंचा। शुरुआत में बारिश कम होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन अब मानसून की सक्रियता तेज होने के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है, जिससे खरीफ सीजन की खेती को नई गति मिली है। लंबे समय से अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है।

धान की रोपाई ने पकड़ी रफ्तार

लगातार हो रही वर्षा का सबसे अधिक फायदा धान की खेती को मिला है। वाराणसी जिले के चोलापुर, सेवापुरी, पिंडरा, हरहुआ, बड़ागांव, आराजीलाइन सहित अनेक ग्रामीण इलाकों में किसान तेजी से धान की रोपाई में जुट गए हैं। जिन किसानों ने पहले से धान की नर्सरी तैयार कर रखी थी, उन्होंने अब बड़े पैमाने पर रोपाई शुरू कर दी है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। जिन क्षेत्रों में अब तक पानी की कमी के कारण खेती प्रभावित हो रही थी, वहां भी अब कृषि कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। इससे इस वर्ष धान उत्पादन की संभावनाएं भी बेहतर मानी जा रही हैं।

लोगों को गर्मी से राहत, सतर्क रहने की अपील

लगातार हो रही बारिश से जहां आम लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है तो इससे जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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