(रणभेरी): छात्र आंदोलनों और शिक्षा सुधार की मांगों को लेकर चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) एक बार फिर सुर्खियों में है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उस कथित तस्वीर को लेकर स्थिति स्पष्ट की है, जिसमें उन्हें प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ दिखाया गया था। दीपके ने इसे पूरी तरह AI से बनाई गई छवि बताया है और कहा कि उनका प्रधानमंत्री से कोई व्यक्तिगत या प्रत्यक्ष संपर्क कभी नहीं हुआ।
पुणे में आयोजित एक प्रेस वार्ता में दीपके ने सवाल उठाया कि एक सामान्य छात्र के रूप में, विशेषकर अमेरिका में अध्ययनरत रहते हुए, प्रधानमंत्री से सीधा मिलना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के चलते ऐसी किसी भी मुलाकात की बात आधारहीन है।
यह मामला तब तूल पकड़ा जब Sanjay Raut ने दावा किया कि दीपके के भारत लौटने से पहले उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई थी। राउत के अनुसार, उन्हें एक ऐसी तस्वीर प्राप्त हुई थी जिसमें दोनों को साथ दिखाया गया था, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं।
इसी विवाद के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। पहला चरण पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर से शुरू किया गया है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों और समर्थकों के जुटने का दावा किया गया।
पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। संगठन का आरोप है कि देश में परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रियाएं और परिणामों की समयबद्धता गंभीर सवालों के घेरे में हैं। इसके साथ ही एक ‘शिक्षा घोषणापत्र’ भी जारी किए जाने की बात कही गई है, जिसमें पेपर लीक रोकने, परीक्षाओं में पारदर्शिता और एजेंसियों की जवाबदेही जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
दीपके ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी जुड़ने की संभावना है।
आगामी कार्यक्रमों के तहत यह आंदोलन पुणे के बाद जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी पहुंचने वाला है। इसके बाद 20 जून को प्रदर्शनकारियों के दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने की योजना है।
गौरतलब है कि CJP की शुरुआत हाल ही में एक टिप्पणी के बाद सामने आई थी, जिसे लेकर कहा गया कि एक सुनवाई के दौरान ‘कॉकरोच’ जैसे शब्द का प्रयोग युवाओं के संदर्भ में किया गया था। इसी टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने अमेरिका से इस संगठन की नींव रखी और सोशल मीडिया पर इसकी सक्रियता बढ़ाई।
कम समय में ही यह संगठन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से उभरा है। दावा किया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स करोड़ों में पहुंच चुके हैं, जबकि एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी इसकी उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। शिक्षा सुधार और राजनीतिक विवादों के बीच यह संगठन अब देशभर में अपने आंदोलन को विस्तार देने की तैयारी में है।
