शहर के प्रमुख चौराहों-तिराहों पर भी ग्रीन शेड लगाने का क्रम जारी
वाराणसी (रणभेरी): भीषण गर्मी और लगातार चढ़ते तापमान के बीच आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चिलचिलाती धूप में पैदल चलना और चौराहों पर रुकना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे हालात में नगर निगम वाराणसी ने शहरवासियों और काशी आने वाले श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
नगर आयुक्त के निर्देश पर शहर के प्रमुख धार्मिक और व्यस्त मार्गों पर छांव और ठंडक की व्यवस्था तेज कर दी गई है। विशेष रूप से दशाश्वमेध घाट से लेकर काशी विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 75 मीटर लंबा ग्रीन शेड लगाया गया है। इस अस्थायी छाया व्यवस्था से घाटों पर स्नान करने के बाद मंदिर की ओर जाने वाले भक्तों को तेज धूप से राहत मिल रही है।

विश्वनाथ गली और आसपास के संकरे मार्गों में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कतारों में खड़े श्रद्धालु अब कुछ देर के लिए सीधी धूप से बचकर आसानी से दर्शन की प्रक्रिया पूरी कर पा रहे हैं।
नगर निगम ने केवल धार्मिक क्षेत्र ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य व्यस्त चौराहों को भी इस योजना में शामिल किया है। मलदहिया, रथयात्रा और तेलियाबाग जैसे प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट्स पर भी ग्रीन नेट लगाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर लाल बत्ती पर रुकने वाले दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को अस्थायी छांव मिल सकेगी, जिससे हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव संभव हो सकेगा।
नगर प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में इस पहल का विस्तार और किया जाएगा तथा अन्य भीड़भाड़ वाले चौराहों को भी ग्रीन शेड व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, ताकि गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।
इसके साथ ही नगर निगम ने पेयजल सुविधा को भी मजबूत किया है। शहर में 17 स्थानों पर आधुनिक वाटर कूलर लगाए गए हैं, जबकि 22 जगहों पर सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था की गई है।

इन सुविधाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी में राहगीरों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। नगर निगम की इस पहल से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
