वाराणसी (रणभेरी): जनपद में कुछ औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों को हाल ही में जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों को लेकर दवा विक्रेता समिति, वाराणसी ने चिंता व्यक्त की है। समिति ने इस संबंध में औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) को एक औपचारिक पत्र सौंपते हुए मामले में न्यायसंगत और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।
समिति का कहना है कि हाल में चलाए गए निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर्स के वास्तविक संचालन की पुष्टि करना था। जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं, वे लंबे समय से अपने स्वीकृत पते पर विधिवत रूप से संचालित हो रहे हैं और निरीक्षण के समय भी सक्रिय पाए गए हैं।

दवा विक्रेता समिति ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण रिपोर्ट में कहीं भी नकली, प्रतिबंधित, जाली, एक्सपायरी या बिना स्रोत की दवाओं के भंडारण अथवा बिक्री जैसी गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख नहीं मिला है। अधिकतर आपत्तियां दस्तावेजों, रिकॉर्ड या तकनीकी प्रक्रियाओं से जुड़ी हुई हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर सुधारा जा सकता है।
समिति ने यह भी तर्क दिया कि जिन मामलों में दुकान के क्षेत्रफल या किरायानामा से संबंधित प्रश्न उठाए गए हैं, वे प्रतिष्ठान वर्षों से विभागीय अनुमति के आधार पर संचालित होते आ रहे हैं। ऐसे में लंबे समय बाद उन्हीं आधारों पर आपत्तियां दर्ज किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वास्तविक रूप से संचालित औषधि प्रतिष्ठानों के विरुद्ध केवल तकनीकी या अभिलेखीय कमियों के आधार पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई से बचा जाए। साथ ही समिति ने यह भी दोहराया कि वह अवैध, फर्जी एवं नियम विरुद्ध संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का हमेशा समर्थन करती रही है और आगे भी पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार है।
