वाराणसी (रणभेरी): समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को वाराणसी स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सपा नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान हुई कई भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया, जिससे पिछड़े वर्ग, दलित और अन्य वंचित समुदायों के अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी द्वारा जारी की गई “पीडीए ऑडिट रिपोर्ट” में विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्रियाओं का अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कई चयन प्रक्रियाओं में आरक्षण व्यवस्था से जुड़े नियमों के पालन पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। नेताओं का आरोप है कि संविधान द्वारा निर्धारित सामाजिक न्याय की अवधारणा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने बताया कि रिपोर्ट में पिछले एक दशक के दौरान आयोजित सैकड़ों परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख किया गया है। उनका दावा है कि इन भर्तियों में आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित हजारों पद प्रभावित हुए हैं। सपा नेताओं के अनुसार, रिपोर्ट में कई ऐसी भर्तियों का भी उल्लेख किया गया है जिनमें आरक्षण के नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई थीं।
पार्टी प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से शिक्षकों की भर्ती सहित अन्य सरकारी नियुक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि आरक्षण नीति के क्रियान्वयन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और संवैधानिक प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो सामाजिक न्याय की भावना प्रभावित होगी।

प्रेस वार्ता में मौजूद नेताओं ने कहा कि देश का संविधान सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने की गारंटी देता है और आरक्षण व्यवस्था सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को कमजोर करने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध माना जाएगा।
वक्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक लोकतांत्रिक संस्था और सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को निरंतर उठाती रही है और भविष्य में भी इस संबंध में जनजागरण अभियान जारी रखेगी।

सपा नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि सभी भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए तथा आरक्षण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी भर्ती में आरक्षण से जुड़े प्रावधानों की अनदेखी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में पार्टी के जिला अध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़ पहलवान, स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा तथा जिला प्रवक्ता संतोष यादव ‘बबलू’ एडवोकेट सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था को लेकर पार्टी के दृष्टिकोण को विस्तार से रखा तथा सरकार से जवाबदेही की मांग की।
