वाराणसी (रणभेरी): शहरों और कस्बों में लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों के लिए जीवन-यापन को और अधिक कठिन बना दिया है। खासकर रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में समय-समय पर हो रही बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर सीधा असर डाला है। इसके साथ ही बिजली दरों में वृद्धि और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इस विषय पर जब विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने अपनी परेशानियां खुलकर सामने रखीं। महिलाओं का कहना है कि पहले जहां घर का मासिक खर्च एक तय सीमा में आसानी से चल जाता था, वहीं अब हर महीने बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
उनका कहना है कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर रसोई के खर्च पर पड़ा है। वहीं सब्जियों, दालों, अनाज और अन्य खाद्य सामग्री के दाम भी लगातार ऊपर जा रहे हैं, जिससे परिवार की थाली महंगी होती जा रही है। कई महिलाओं ने बताया कि मजबूरी में उन्हें अब कुछ आवश्यक खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है ताकि घर का संतुलन बनाए रखा जा सके।
इसके अलावा बिजली के बढ़ते बिल भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही बिलों का बोझ भी अधिक महसूस किया जा रहा है। कई परिवारों ने कहा कि पहले जो आय जीवनयापन के लिए पर्याप्त लगती थी, अब वही खर्चों के सामने कम पड़ती दिखाई दे रही है।
महिलाओं ने चिंता जताते हुए कहा कि महंगाई की इस रफ्तार ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों पर भी अब सोच-समझकर खर्च करना पड़ रहा है।
अंत में उन्होंने सरकार से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को कुछ राहत मिल सके और घरेलू बजट फिर से संतुलन में आ सके।
