वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को वाराणसी स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, राजनीतिक प्रतिशोध और भाजपा द्वारा उनके खिलाफ चलाए जा रहे विरोध अभियानों को लेकर कई सवाल खड़े किए।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अजय राय ने कहा कि उनके खिलाफ लगातार राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन वे किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार को उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करनी है तो खुलकर करे, लेकिन विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
भाजपा में रहते कभी नहीं उठे सवाल
अजय राय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का एक लंबा समय भाजपा में बिताया है। वह कई बार विधायक चुने गए और राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उस दौरान उनके चरित्र या छवि को लेकर कभी कोई सवाल नहीं उठाया गया।
उन्होंने कहा कि आज जब वह कांग्रेस में हैं और सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं, तब उन्हें अलग-अलग नामों से संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनके खिलाफ इतने गंभीर आरोप थे तो भाजपा में रहते हुए उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

संपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा नेताओं और मंत्रियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पारदर्शिता की बात की जाती है तो सभी जनप्रतिनिधियों की संपत्तियों का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ता से जुड़े कई लोगों की संपत्तियों में असामान्य वृद्धि हुई है, जिसकी जांच जनता के हित में आवश्यक है।
“गाली देने से कोई फर्क नहीं पड़ता”
भाजपा द्वारा उनके खिलाफ आयोजित आक्रोश सभाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत हमले उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह काशी की धरती के निवासी हैं और आलोचनाओं से घबराने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार जनता के असली मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर प्रदेश के विकास, रोजगार, महंगाई और सुरक्षा जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाए।
कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान अजय राय ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में हत्या और अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कई चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में भेदभाव दिखाई देता है। उनका कहना था कि कुछ मामलों में पुलिस सक्रिय दिखाई देती है, जबकि अन्य मामलों में पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकते रहते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के कठोर कार्रवाई की जाए।
महोबा की बेटी को न्याय देने की मांग
अजय राय ने महोबा से जुड़े एक चर्चित मामले का उल्लेख करते हुए पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है और इस दिशा में और अधिक संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है।
सत्ता पक्ष द्वारा विरोध प्रदर्शन पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने पहली बार ऐसा देखा है कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी नेता के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर जनता की समस्याओं को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ आंदोलन करता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में सत्ता पक्ष विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त दिखाई दे रहा है।
रोपवे परियोजना पर भी साधा निशाना
वाराणसी में चल रही रोपवे परियोजना का जिक्र करते हुए अजय राय ने कहा कि यह योजना अभी तक अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण शहर के कई हिस्सों में व्यापार और यातायात प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आम जनता को अभी तक इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।
गंगा के जलस्तर और पर्यावरणीय मुद्दों पर चिंता
अजय राय ने गंगा नदी के जलस्तर में कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि नदी के बीचों-बीच रेत के टापू दिखाई देना चिंताजनक स्थिति है। उनके अनुसार यह केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से गंगा संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मुख्यमंत्री के कथित बयान पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कथित वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी समुदाय या वर्ग के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग हुआ है तो उस पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मौजूद सभी व्यक्तियों को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम बनाए रखना चाहिए।
“डरने वाले नहीं, जनता के बीच रहेंगे”
अपने संबोधन के अंत में अजय राय ने कहा कि उनके खिलाफ चाहे जितने आरोप लगाए जाएं या राजनीतिक दबाव बनाया जाए, वह जनता के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि उनके खिलाफ कोई वैधानिक कार्रवाई बनती है तो वह कानून के अनुसार कदम उठा सकती है, लेकिन राजनीतिक विरोध के कारण उन्हें चुप नहीं कराया जा सकता। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वह जनता के बीच रहकर प्रदेश के मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे और किसी भी प्रकार के दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
