(रणभेरी): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखी राजनीतिक टिप्पणी की है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई उनकी पोस्ट में उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर भाजपा पर परोक्ष हमला किया और प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बिजली व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने राज्य में बिजली संकट को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हालात इतने खराब हैं कि इसे एक बड़ी “विद्युत अव्यवस्था” के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि अच्छा है कि मुख्यमंत्री ने इस स्थिति के लिए किसी बाहरी साजिश का आरोप नहीं लगाया।
बिजली व्यवस्था और प्रशासन पर सवाल
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठकों में बिजली विभाग के जिम्मेदार मंत्री की मौजूदगी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि मंत्री बैठकों में शामिल होते हैं तो सरकार को सार्वजनिक रूप से उनकी सहभागिता की तस्वीर साझा करनी चाहिए, जिससे जनता को सरकार के भीतर तालमेल का आभास हो सके।
उन्होंने आगे दावा किया कि प्रदेश में कई स्थानों पर बिजली सब-स्टेशनों की सुरक्षा में पीएसी तैनात करनी पड़ रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जनता में असंतोष बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कुछ जनप्रतिनिधि भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पत्र लिख रहे हैं।
कानून-व्यवस्था और ‘फर्जी एनकाउंटर’ का मुद्दा
अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के समय में कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं को लेकर कई परिवारों ने चिंता जताई है। उनके अनुसार, सरकार अपनी छवि मजबूत करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों का सहारा ले रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एनकाउंटर की घटनाओं में समाज के कुछ विशेष वर्गों को अधिक निशाना बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
हाथरस केस और जौनपुर मामले का उल्लेख
सपा प्रमुख ने वर्ष 2020 के हाथरस मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जैसी परिस्थितियां सामने आई थीं, वैसी ही चिंताजनक स्थितियां आज भी दिखाई दे रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने जौनपुर में एक पुजारी से जुड़े कथित मामले का भी उल्लेख किया और दावा किया कि समाजवादी पार्टी के दबाव के बाद ही पीड़ित परिवार को न्याय मिल सका।
केंद्र सरकार पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने दावा किया कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो उसका असर केंद्र की राजनीति पर भी पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महंगाई और मुद्रा मूल्य में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने मौजूदा आर्थिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और इसे “कमजोर और भ्रमित करने वाली तस्वीर” बताया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। वहीं, विपक्ष लगातार सरकार पर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर हमलावर बना हुआ है।
