(रणभेरी): Prayagraj में SSC-GD भर्ती परीक्षा के दौरान मंगलवार को तकनीकी खराबी के चलते बड़ा बवाल हो गया। अंदावा क्षेत्र स्थित एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होते ही सर्वर ठप पड़ गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। गुस्साए अभ्यर्थियों ने हंगामा करते हुए केंद्र में तोड़फोड़ की और बाद में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे को जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा Staff Selection Commission (SSC) की ओर से आयोजित की जा रही थी, जिसके तहत केंद्र पर तीन पालियों में परीक्षा निर्धारित थी सुबह 10 से 11 बजे, दोपहर 1 से 2 बजे और शाम 4:30 से 5:30 बजे।
पहली पाली में करीब 600 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से लगभग 450 ही परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, कंप्यूटर सिस्टम का सर्वर अचानक बंद हो गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया बाधित हो गई। कुछ ही मिनटों में अभ्यर्थियों का धैर्य टूट गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तेजी से बिगड़ती गई और कई कमरों में रखे कंप्यूटर सिस्टम, कुर्सियां व अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इसके बाद परीक्षार्थियों का एक समूह केंद्र से बाहर निकलकर सड़क पर पहुंचा और जाम लगा दिया, जिससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया जा सका। इसके बाद प्रशासन ने उस दिन की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा कर दी।
सरायइनायत थाना प्रभारी संजय गुप्ता के अनुसार, घटना में केंद्र की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, SSC मध्य क्षेत्र के रीजनल हेड आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी खराबी और अव्यवस्था के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी है। प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा पुनः आयोजित की जाएगी और नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, जाम के कारण कुछ समय तक आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि बाद में यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी गई। यह पहला मामला नहीं है जब इस केंद्र पर परीक्षा प्रक्रिया बाधित हुई हो। एक दिन पहले भी इसी केंद्र पर अधिक संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने और व्यवस्था बिगड़ने के कारण हंगामा हुआ था, जिसमें कई उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया था।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी बेंगलुरु स्थित एक निजी एजेंसी को सौंपी गई थी, लेकिन सीट आवंटन और तकनीकी समन्वय में गंभीर खामियां सामने आईं। आरोप है कि क्षमता से अधिक अभ्यर्थियों को एक ही केंद्र पर बुला लिया गया, जिससे अव्यवस्था फैल गई। अब प्रशासन और परीक्षा एजेंसी दोनों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
