लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में वाराणसी में ठप रहा न्यायिक कामकाज

लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में वाराणसी में ठप रहा न्यायिक कामकाज

वकीलों का प्रदर्शन, बोले – 72 की जगह 240 चैंबरों पर चला बुलडोजर

वाराणसी (रणभेरी): लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई और विरोध कर रहे वकीलों पर पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ सोमवार को वाराणसी में भी अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में दी बनारस बार एसोसिएशन और दी सेंट्रल बार एसोसिएशन बनारस की संयुक्त आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। हड़ताल के चलते कलेक्ट्रेट और दीवानी न्यायालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।

बैठक के बाद दोनों संगठनों के अध्यक्ष विनोद शुक्ला और प्रेम प्रकाश सिंह गौतम तथा महामंत्री आशीष सिंह व सुधांशु मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट और दीवानी परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्रमण कर विरोध जताया।

सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने आरोप लगाया कि न्यायालय ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने मनमानी करते हुए करीब 240 चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई कर दी। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस और वैकल्पिक व्यवस्था के अधिवक्ताओं का उत्पीड़न किया गया, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संयुक्त बैठक में अनिल कुमार पाठक, मुकेश कुमार मिश्रा, सौरभ पांडेय (पंकज), सुमित उपाध्याय, रजनीकांत मिश्रा, सुनील दत्त मिश्रा, आशुतोष शुक्ला और प्रेम चंद्र मिश्रा सहित कई अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा की। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।

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