(रणभेरी): Yogi Adityanath ने बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली बार सभी मंत्रियों के साथ विस्तृत बैठक की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली, ऊर्जा संरक्षण, सार्वजनिक जीवन में सादगी और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि जनता के बीच सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रत्येक मंत्री सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इसके तहत मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा साइकिल का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब मंत्री स्वयं इस पहल को अपनाएंगे तो आम लोगों में भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अनावश्यक विदेशी यात्राओं पर भी रोक लगाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही विदेश यात्रा की जाए। वर्तमान वैश्विक हालात का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईंधन संरक्षण अब केवल आर्थिक विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत संबंधी अपील को जमीनी स्तर पर लागू करने की आवश्यकता बताई।
वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक बैठकों में डिजिटल माध्यमों के अधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अंतरजनपदीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विधानसभा और विधान परिषद की स्थायी समितियों की बैठकों को अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाए। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
सरकारी दफ्तरों में ऊर्जा बचत पर फोकस
बैठक में ऊर्जा संरक्षण को लेकर कई व्यावहारिक निर्देश भी जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय भवनों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच निर्धारित रखने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों से लिफ्ट का कम उपयोग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर सीढ़ियों का इस्तेमाल करने की अपील की गई।
उन्होंने 50 से अधिक कर्मचारियों वाले कार्यालयों और संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए। सरकार का मानना है कि इससे यातायात दबाव कम होगा और ईंधन की बचत होगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रिहायशी कॉलोनियों, स्कूलों और कॉलेजों में सौर ऊर्जा को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। सरकार जल्द ही ईवी वाहनों और चार्जिंग ढांचे को लेकर नई योजनाएं तैयार करेगी।
सामाजिक आयोजनों में सादगी अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने सामाजिक आयोजनों में भी सादगी अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के लिए स्थानीय स्थलों और घरेलू संसाधनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” अभियान को बढ़ावा देने के लिए मंत्रियों से कहा कि उपहार के रूप में उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जिनका निर्माण उत्तर प्रदेश में हुआ हो।
एलपीजी की जगह पीएनजी को बढ़ावा
बैठक में घरेलू और व्यावसायिक गैस उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव जल्द करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल गैस उपयोगकर्ताओं को भी पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जाए ताकि ऊर्जा की बचत के साथ प्रदूषण भी कम हो सके।
खाद्य तेल और आयातित वस्तुओं पर चिंता
मुख्यमंत्री ने आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। खाद्य तेल की अत्यधिक खपत को लेकर उन्होंने जनजागरूकता अभियान चलाने की बात कही। साथ ही अनावश्यक सोने के आयात को हतोत्साहित करने और वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
नए मंत्रियों को दिया मार्गदर्शन
बैठक की शुरुआत मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों के परिचय से हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सबसे अधिक होती है क्योंकि जनता रोजाना उनके कामकाज का मूल्यांकन करती है। उन्होंने नए मंत्रियों से अनुभवी मंत्रियों के साथ समन्वय बनाकर कार्यशैली विकसित करने को कहा। वहीं कैबिनेट मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे नीतिगत मामलों में सहयोगी राज्य मंत्रियों की राय अवश्य लें, ताकि शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और समन्वित बन सके।
