(रणभेरी): लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर सोमवार को एक बार फिर छात्रों का विरोध देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘वीसी मुर्दाबाद’ और ‘फीस वापस लो’ जैसे नारे लगाए तथा हाथों में तख्तियां लेकर धरना दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि यदि फीस वृद्धि के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
छात्रों ने दी 6 दिन की चेतावनी
युवजन सभा से जुड़े प्रिंस ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी मांगों पर विचार करने के लिए छह दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में फीस बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
प्रिंस ने छात्रों की दो मुख्य मांगें भी रखीं- पहली, पुरानी फीस संरचना को फिर से लागू किया जाए और दूसरी, आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमे तथा निलंबन आदेशों को वापस लिया जाए। उनका कहना था कि छात्रों को अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए।

प्रशासन और छात्रों के बीच तनाव
प्रदर्शन के दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, बातचीत के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को कुलपति से बातचीत कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद भीड़ को शांत करने की कोशिश की गई।

स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रदर्शन के दौरान चीफ प्रॉक्टर राकेश द्विवेदी और छात्रों के बीच हल्की नोकझोंक की भी सूचना मिली। छात्र संगठनों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
