वाराणसी (रणभेरी): बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से संचालित सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) की कक्षा 11 प्रवेश परीक्षा के दौरान एक गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। परीक्षा के दौरान कथित तौर पर एक ही रोल नंबर पर दो अलग-अलग छात्रों के परीक्षा में शामिल होने की बात सामने आने के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, दिव्यांशु सोनकर और उज्जवल कुमार सुबह लगभग 7 बजे साइंस फैकल्टी स्थित परीक्षा केंद्र पर अपने प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों छात्रों का आरोप है कि उनके प्रवेश पत्र पर अंकित रोल नंबर पर किसी अन्य छात्र को परीक्षा में बैठाया गया था। मामले के सामने आने के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तहरीर तैयार कर लंका थाने भेज दी। इसमें यह कहा गया कि कुछ छात्रों द्वारा गलत तरीके से प्रवेश पत्र का उपयोग किए जाने की आशंका है।
इधर, अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि घटना के कुछ घंटों बाद प्रवेश पत्रों में संशोधन किया गया और नए प्रिंटआउट में रोल नंबर तथा परीक्षा केंद्र अलग दिखाई दे रहे थे, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
इस पूरे प्रकरण को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर छात्रों और अभिभावकों की भीड़ जुटी रही। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा लंका थाने में एफआईआर दर्ज की जाए।
इस संबंध में परीक्षा नियंता प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए बैठक चल रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों में कुछ तथ्यात्मक भ्रम हो सकता है और विश्वविद्यालय अपनी आधिकारिक स्थिति जल्द ही सार्वजनिक करेगा। फिलहाल इस घटना ने प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और व्यवस्थागत जांच प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर विश्वविद्यालय के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
