वाराणसी (रणभेरी): अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात का असर अब भारतीय बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव का प्रभाव स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। खासकर बिल्डिंग मैटेरियल के क्षेत्र में कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे कारोबार धीमा पड़ गया है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पेंट, प्लंबिंग और सेनेटरी से जुड़े सामानों के दामों में पिछले कुछ समय में लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। बढ़ती लागत के कारण ग्राहकों की खरीदारी में कमी आई है और कई दुकानों पर दिनभर सन्नाटा जैसा माहौल बना हुआ है।

व्यापारियों के अनुसार कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और परिवहन लागत में इजाफे ने हालात को और मुश्किल बना दिया है। इसका सीधा असर खुदरा बाजार पर पड़ा है, जहां ग्राहक पहले की तुलना में काफी कम संख्या में पहुंच रहे हैं।
एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि पहले जिस 4 इंच के पाइप की कीमत करीब 400 रुपये थी, वह अब बढ़कर लगभग 550 रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमतों को समझाना और बिक्री बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में अधिकतर ग्राहक केवल अत्यावश्यक जरूरतों के लिए ही खरीदारी कर रहे हैं और बड़े खर्च टाल रहे हैं। कई लोग हालात सामान्य होने और कीमतों में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके चलते निर्माण सामग्री का कारोबार सुस्त पड़ गया है और व्यापारी वर्ग में चिंता बढ़ती जा रही है।
