वाराणसी (रणभेरी): गुरुवार को जनपद के अधिवक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में वकीलों ने एकत्र होकर ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। आंदोलन का नेतृत्व सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम ने किया।
प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष गौतम ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब अन्य वर्गों, जैसे डॉक्टरों और सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है, तो अधिवक्ताओं को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने इसे अधिवक्ताओं के साथ भेदभाव बताया।
उन्होंने हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में वकीलों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा की कमी गंभीर चिंता का विषय है। मिर्जापुर और रामपुर में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को देखते हुए ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिवक्ता निर्भीक होकर कार्य कर सकें।

अध्यक्ष ने आगे जानकारी दी कि इन मुद्दों को लेकर जल्द ही पूर्वांचल स्तर पर एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के विभिन्न जिलों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर एकजुट रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कुछ संगठनों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठे। अध्यक्ष गौतम ने बनारस बार एसोसिएशन के शामिल न होने पर नाराजगी जताई और प्रदेश स्तर की संस्थाओं की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों को नेतृत्व करना चाहिए, वे सक्रिय नहीं दिख रहे हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो अधिवक्ता आगे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसमें विधानसभा घेराव भी शामिल हो सकता है। प्रदर्शन के अंत में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
