मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और स्कूल आने की दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और स्कूल आने की दी प्रेरणा

वाराणसी (रणभेरी): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षिक नवाचार और उपलब्धियों की पुस्तिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने परिषदीय स्कूल की छात्राओं से मिलकर उन्हें प्रतिदिन स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को अपने हाथों से भोजन भी परोसा और बच्चों के साथ बातचीत कर उनकी पढ़ाई में रुचि बढ़ाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट या डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को सशक्त बनाने का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में जिज्ञासा जगाना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करना गुरुजनों की मुख्य जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और स्कूल आने की दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने एक जनपद के स्कूल का दौरा किया, जहां 10 से कम बच्चे ही स्कूल में उपस्थित थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चों में पढ़ाई में रुचि नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि बच्चों में रुचि नहीं है या शिक्षकों में उन्हें पढ़ाने की इच्छा नहीं है।

परिषदीय स्कूल में शिक्षा सुधार और प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट जिले के जिलाधिकारी की सराहना की, जिन्होंने अपने बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र में दाखिला दिलाकर एक उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि इससे स्कूलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और स्कूल आने की दी प्रेरणा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कक्षा 1 से 8 तक की छात्राओं को पाठ्यपुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री वितरित की। जिन छात्रों को सामग्री दी गई उनमें कक्षा 1 के छात्र विकास, कक्षा 2 की श्रेया सोनकर, कक्षा 3 की कजरी, कक्षा 4 की दीपशिखा, कक्षा 5 की रोली सोनकर, कक्षा 6 की श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा 7 की रुचि यादव और कक्षा 8 की साक्षी गुप्ता शामिल थीं।

संदीप सिंह ने “स्कूल चलो अभियान” की महत्वता बताई

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है।

उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय बेसिक शिक्षा विद्यालयों में कई सुधार किए हैं, जिनमें सुविधाओं का विकास, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन अनुपात में वृद्धि शामिल है। इसके साथ ही, 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है और अन्य ब्लॉकों में नए विद्यालय खोले जाएंगे। प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए बाल वाटिका की शुरुआत भी की गई है, जहां 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराई जाती है।

निपुण विद्यालयों और छात्रों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने वाराणसी के पांच “निपुण विद्यालयों” के प्रधानाध्यापकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा पांच “निपुण छात्रों” को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

अटल टिंकरिंग लैब में नवाचार

पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज के छात्रों ने मुख्यमंत्री को अटल टिंकरिंग लैब के नवाचार और तैयार किए गए रोबोट व मॉडल के बारे में जानकारी दी। छात्रों गणेश मौर्य और नीतीश मिश्र ने बताया कि लैब ने उनकी रचनात्मक क्षमता और नवाचार की समझ को बढ़ावा दिया। क्वींस कॉलेज के छात्र गणेश मौर्य ने इसी सत्र में राज्य स्तरीय “इनोवेटिव उत्तर प्रदेश” प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और बच्चों की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।

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