यूपी सरकार ने बढ़ाया 1.42 लाख शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय

यूपी सरकार ने बढ़ाया 1.42 लाख शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय

वाराणसी (रणभेरी): : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी महीने से शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय मिलेगा। इससे पहले शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे।

शिक्षामित्रों का लंबा संघर्ष

यूपी में 2001 से शिक्षामित्रों की नियुक्ति हो रही थी। 2013-14 में सपा सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। लेकिन जिनका समायोजन नहीं हुआ, उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

  • 12 सितंबर, 2015 को हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किया।
  • 25 जुलाई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इसे अंतिम रूप से रद्द कर दिया।
  • इसके बाद 1.72 लाख सहायक अध्यापक फिर से शिक्षामित्र बन गए।

शिक्षामित्रों के विरोध और आंदोलन के बाद सरकार ने मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया और सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता देने के लिए 68,500 भर्ती की घोषणा की। 2019 में फिर 69,000 भर्ती की गई, जिसमें शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट और बोनस अंक दिए गए।

अनुदेशकों के मानदेय की लंबी लड़ाई

अनुदेशकों का मानदेय 2017 में 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपए किया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद लागू नहीं किया गया।

  • लखनऊ हाईकोर्ट ने 17 हजार रुपए मानदेय के साथ 9% ब्याज देने का आदेश दिया।
  • डबल बेंच ने केवल एक वर्ष के लिए मानदेय बढ़ाने का निर्देश दिया।
  • 5 फरवरी, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की अपील खारिज कर दी और आदेश दिया कि 2017 से 17 हजार रुपए मानदेय लागू किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संविदा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी।

स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

सीएम योगी ने वाराणसी के शिवपुर स्थित परिषदीय स्कूल में ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को स्कूल बैग पहनाया, गिफ्ट और किताबें दीं और खुद खाना परोसा।

सीएम ने सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले उनकी सरकार में शिक्षा एजेंडा नहीं था और कामचलाऊ व्यवस्था से समाज आगे नहीं बढ़ता।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पहले काल भैरव के दर्शन किए और फिर बाबा विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार विधि से पूजन कर आरती उतारी।

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