- 27 मार्च से 18 मकानों पर कार्रवाई तय, व्यापारियों और निवासियों में डर का माहौल
- अवैध निर्माण हटाने की तैयारी तेज, विस्थापन और रोजी-रोटी पर संकट
वाराणसी (रणभेरी)। शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र दालमंडी में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बन गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से की गई अचानक मुनादी ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 27 मार्च से चिन्हित 18 मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई दोबारा शुरू की जाएगी। इस घोषणा के बाद से ही संकरी गलियों में डर और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है।
ईद के शांतिपूर्ण समापन के तुरंत बाद विभाग ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया। जैसे ही पीडब्ल्यूडी की टीम लाउडस्पीकर के साथ दालमंडी पहुंची और भवन खाली करने की चेतावनी दी, स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने मुनादी के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित भवनों को तत्काल खाली कर दिया जाए, ताकि ध्वस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार की जनहानि न हो।

दालमंडी अपनी घनी आबादी और थोक बाजार के लिए जानी जाती है। ऐसे में 18 मकानों का गिराया जाना केवल निर्माण हटाना नहीं, बल्कि कई परिवारों के विस्थापन और सैकड़ों लोगों की आजीविका पर सीधा असर डालने वाला कदम है। मुनादी के बाद दुकानदार अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने तैयारी के लिए बहुत कम समय दिया है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई लंबे समय से प्रस्तावित विकास योजना का हिस्सा है। पूर्व में भी ध्वस्तीकरण के कुछ चरण पूरे किए जा चुके थे, लेकिन बीच में रोक दिया गया था। अब 27 मार्च की तारीख तय कर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। एक ओर प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में जुटा है, तो दूसरी ओर प्रभावित लोग अपनी आवाज उठाने और राहत की उम्मीद में प्रयास कर रहे हैं।
