(रणभेरी): मथुरा में शनिवार को एक सड़क हादसे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय चंद्रशेखर बाबा, जो क्षेत्र में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाने जाते थे, एक ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और उनके साथियों के अनुसार, बाबा अपने दो सहयोगियों के साथ उस ट्रक का पीछा कर रहे थे, जिस पर गौवंश होने का संदेह जताया जा रहा था। बताया गया कि ट्रक को रोकने के प्रयास में बाबा ने उसे ओवरटेक कर सामने बाइक खड़ी कर दी। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने अचानक गति बढ़ाते हुए उन्हें कुचल दिया और चालक मौके से फरार हो गया।

घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ दिल्ली–मथुरा हाईवे पर जमा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहुंची पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान पथराव और झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।

तनाव बढ़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। मौके पर कुछ देर के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात को नियंत्रित किया गया।
इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी DIG शैलेश पांडे ने घटना को लेकर अलग दावा किया है। उनके अनुसार, कोहरे के कारण दृश्यता कम थी और पीछे से आ रहे ट्रक ने पहले से खड़े वाहन को टक्कर मार दी, जिसकी चपेट में बाबा आ गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रकों में गौवंश होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित ट्रक चालक भी घायल हुआ था, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
घटना के बाद शव को गांव आजनौंख स्थित गोशाला में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें बाबा को शहीद का दर्जा देने, स्मारक निर्माण, स्थानीय क्षेत्र में पुलिस चौकी स्थापित करने, गोशाला को सरकारी संरक्षण देने और कुछ लोगों को लाइसेंसी हथियार उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल थीं।

प्रशासनिक स्तर पर जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने आश्वासन दिया कि जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा, वहां समाधि स्थल बनाया जाएगा और गोशाला को आवश्यक सहायता दी जाएगी। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और दोषियों की पहचान कर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

हालात को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किया और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य की ओर लौट आई। इस दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि उस समय लगभग 25 किलोमीटर दूर गोवर्धन क्षेत्र में राष्ट्रपति Droupadi Murmu धार्मिक परिक्रमा कर रही थीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहे हैं तथा उपद्रव और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
