(रणभेरी): राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने विवादों में आए गाने “सरके चुनर तेरी सरके” को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इस मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त समेत कई संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस पाने वालों में गीतकार रकीब आलम, निर्माता वेंकट के. नारायण और निर्देशक किरण कुमार भी शामिल हैं। आयोग ने सभी को 24 मार्च को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय पर पेश न होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आपत्तिजनक कंटेंट पर स्वतः संज्ञान
NCW ने गाने के कथित अश्लील और आपत्तिजनक बोलों को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग का कहना है कि पहली नजर में गीत के शब्दों में अश्लीलता और यौन संकेत दिखाई देते हैं, जो कानून के दायरे में जांच के योग्य हैं। इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी शिकायत मिलने के बाद सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया से जवाब मांगा है। विवाद बढ़ने के बाद गाने को यूट्यूब समेत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया है।
संसद में भी गूंजा मामला
गाने को लेकर विवाद संसद तक पहुंच गया। समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने इसे अश्लील बताते हुए मुद्दा उठाया। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि गाने पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान के दायरे में रहकर ही होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल माध्यमों के तेजी से फैलाव को देखते हुए महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नोरा फतेही ने दी सफाई
विवाद के बीच नोरा फतेही ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने यह गाना तीन साल पहले कन्नड़ भाषा में शूट किया था और उस समय उन्हें दिए गए अनुवाद में कोई आपत्तिजनक बात नहीं थी। उनका आरोप है कि बाद में बिना उनकी जानकारी और अनुमति के गाने को हिंदी में डब किया गया, जिसके बोल आपत्तिजनक हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके और संजय दत्त की कुछ तस्वीरें कृत्रिम तकनीक (AI) के जरिए बनाई गईं, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। नोरा के अनुसार, उन्होंने पहले ही निर्माताओं को इस पर आपत्ति जताई थी और इसे प्रमोट करने से इनकार कर दिया था।
क्या है पूरा विवाद
फिल्म “केडीः द डेविल” के इस गाने को 14 मार्च को कई भाषाओं में जारी किया गया था। रिलीज होते ही इसके बोल, डांस और प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई शहरों में शिकायतें दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया, जिसके चलते अंततः गाने को प्लेटफॉर्म से हटाना पड़ा। अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर 24 मार्च को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखना होगा।
