वाराणसी (रणभेरी): काशी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नई आध्यात्मिक सौगात शुरू हो गई है। अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ-साथ भक्त गंगा आरती का दिव्य नज़ारा भी देख सकेंगे। गुरुवार से ललिता घाट पर नियमित रूप से शाम 6 बजे गंगा आरती का आयोजन शुरू किया गया है, जिसमें सात अर्चक करीब 45 मिनट तक मां गंगा की आराधना करेंगे।
यह आयोजन काशी की भव्य गंगा आरतियों में एक और नया अध्याय जोड़ता है। अनुमान है कि प्रतिदिन 10 से 15 हजार श्रद्धालु और पर्यटक इस आरती का आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि अब उन लोगों को भी आरती देखने का अवसर मिलेगा, जिन्हें दशाश्वमेध घाट पर भीड़ या समय की वजह से जगह नहीं मिल पाती थी।
ललिता घाट पर होने वाली इस आरती को नाव में बैठे पर्यटक, घाट पर मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग सीढ़ियों पर बैठकर सहजता से देख सकेंगे। इससे गंगा तट का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आकर्षण और बढ़ेगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु जिस प्रवेश द्वार से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे, वे आरती देखने के बाद उसी मार्ग से वापस लौट सकेंगे। व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए घाट पर साफ-सफाई, सजावट और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई है।
साथ ही, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा किनारे रेलिंग और बैरिकेडिंग भी लगाई गई है, ताकि भक्त सुरक्षित रूप से आरती का आनंद ले सकें। इस नई पहल से काशी आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर दर्शन और गंगा आरती- दोनों का अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा।
