वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी स्थित Banaras Hindu University के चिकित्सा संस्थान Institute of Medical Sciences BHU में सर्जरी विभाग की एक जूनियर डॉक्टर द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल के निदेशक का घेराव कर अपनी मांगें सामने रखीं।
डाक्टरों का कहना है कि उन्हें सिर्फ मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश चाहिए। हालांकि निदेशक के साथ हुई बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका और वार्ता बेनतीजा रही।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अंबुज ने बताया कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कदम नहीं उठाए गए तो रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं और आईसीयू को छोड़कर अस्पताल की बाकी सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
आत्महत्या के लिए उकसाने के जिम्मेदार लोगों को तुरंत निलंबित या निष्कासित किया जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
जनरल सर्जरी विभाग के संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
जांच समिति में रेजिडेंट डॉक्टरों को भी शामिल किया जाए।
जांच की प्रगति की नियमित जानकारी रेजिडेंट डॉक्टरों को दी जाए।राष्ट्रीय मानकों के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्य घंटे तय किए जाएं।
जरूरत के मुताबिक मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए।
प्रथम वर्ष के जूनियर रेजिडेंट्स के साथ होने वाली रैगिंग और कार्यस्थल पर उत्पीड़न रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
इंसुलिन की ओवरडोज लेने से बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि यह घटना बीते शुक्रवार की है। सर्जरी विभाग की एक जूनियर डॉक्टर ने कथित तौर पर इंसुलिन इंजेक्शन की अत्यधिक मात्रा ले ली थी, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया।
घटना के पीछे कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा कथित उत्पीड़न की बात भी सामने आ रही है। हालांकि संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
