गैस की मारामारी, अब होने लगी इंडक्शन से यारी

गैस की मारामारी, अब होने लगी इंडक्शन से यारी

किल्लत की चर्चाओं के बीच इंडक्शन चूल्हों की दुकानों पर उमड़ी भीड़

सिलेंडर न मिलने से परेशान उपभोक्ता, एजेंसियों पर फूट रहा गुस्सा

गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन की बिक्री में अचानक उछाल

कालाबाजारी के आरोप, 1500 से 2000 रुपये तक बिक रहे घरेलू सिलेंडर

प्रशासन का दावा- सप्लाई सामान्य, कहीं नहीं है गैस की कमी

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहा है। उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने से लेकर सिलेंडर की डिलीवरी तक में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे हालात में अब बड़ी संख्या में लोग गैस के विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हा खरीदने को मजबूर हो गए हैं। शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग कराना भी अब आसान नहीं रह गया है। कई लोगों ने बताया कि एजेंसियों के दिए गए नंबर पर बार-बार फोन करने के बावजूद कॉल नहीं लगती या फिर सिस्टम काम नहीं करता। ऐसे में लोग बुकिंग कराने के लिए लगातार कोशिश करते रहते हैं, लेकिन सफलता नहीं मिलती।

गैस की मारामारी, अब होने लगी इंडक्शन से यारी

गैस की अनिश्चित सप्लाई से परेशान लोगों ने अब विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि शहर में इंडक्शन चूल्हा बेचने वाली दुकानों पर इन दिनों काफी भीड़ देखने को मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री अचानक बढ़ गई है। कई ग्राहक सीधे यह कहते हुए इंडक्शन खरीद रहे हैं कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहा, इसलिए मजबूरी में उन्हें यह विकल्प अपनाना पड़ रहा है।

हालांकि इंडक्शन चूल्हा खरीदने के बाद भी लोगों की चिंता खत्म नहीं हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की समस्या से राहत पाने के लिए उन्होंने इंडक्शन तो खरीद लिया है, लेकिन इससे बिजली का बिल बढ़ने का डर भी सताने लगा है। कई परिवारों का कहना है कि पहले ही महंगाई से घर का बजट बिगड़ा हुआ है, ऐसे में अगर बिजली का बिल भी ज्यादा आने लगा तो खर्च और बढ़ जाएगा।

गैस की मारामारी, अब होने लगी इंडक्शन से यारी

शहर के कई उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भी आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि जरूरत का फायदा उठाकर कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। शिकायत है कि जहां सरकारी दर पर मिलने वाला सिलेंडर निर्धारित कीमत पर मिलना चाहिए, वहीं कुछ जगहों पर यह 1500 से 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि अगर कोई तुरंत सिलेंडर चाहता है तो उसे ज्यादा कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जाता है।

उपभोक्ताओं की परेशानी का एक बड़ा कारण हेल्पलाइन व्यवस्था भी बन रही है। लोगों का कहना है कि गैस कंपनियों द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई बार कॉल लगती ही नहीं और अगर लगती भी है तो लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।

हालांकि इस पूरे मामले में प्रशासन का दावा अलग है। अधिकारियों का कहना है कि वाराणसी में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन का कहना है कि अगर कहीं किसी प्रकार की समस्या है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में उपभोक्ता अब भी परेशान दिखाई दे रहे हैं। गैस सिलेंडर की अनिश्चित उपलब्धता, कालाबाजारी के आरोप और बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में काशी के हजारों परिवारों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर गैस की इस समस्या से उन्हें राहत कब मिलेगी।

गैस की मारामारी, अब होने लगी इंडक्शन से यारी

अचानक डिमांड बढ़ी तो होने लगा शार्टेज

प्रेस्टिज शोरूम के मैनेजर विवेक दीक्षित ने बताया कि पिछले तीन दिनों से इंडक्शन की डिमांड बढ़ी है। अभी तो यह स्थिति है कि जो भी शोरूम में प्रवेश कर रहा है वह सीधे इंडक्शन के रैक पर ही पहुंच रहा है। पहले हमारे यहां प्रतिदिन तीन से चार इंडक्शन बिकता था लेकिन यह संख्या बढ़कर 18 से 20 हो गई है। उन्होंने बताया कि 2070 रुपये से हमारे यहां इंडक्शन की शुरूआती रेट है, जो कि 1600 वाॅट का है। इसी तरह डबल चूल्हे का इंडक्शन 8500 रुपये का है। रेट में किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं की गई है। फिक्स रेट पर ही बेचा जा रहा है।

एजेंसियों पर रोज लग रही भीड़

शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों सुबह से ही भीड़ जुटने लगती है। उपभोक्ता सिलेंडर पाने के लिए लंबी कतार में खड़े दिखाई देते हैं। लोगों का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसियों पर सीमित संख्या में ही सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं। ऐसे में जो लोग सुबह जल्दी पहुंच जाते हैं, उन्हें ही सिलेंडर मिल पाता है, जबकि बाकी लोगों को अगले दिन फिर आने को कहा जाता है। इससे खासतौर पर कामकाजी लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

होटलों के किचन छत पर शिफ्ट

शहर के कई छोटे-बड़े होटल और ढाबे भी इस संकट से जूझ रहे हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से कई होटल संचालकों ने अपने किचन को अस्थायी रूप से छत या खुले स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। यहां लकड़ी और कोयले से चलने वाले देसी चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी के कारण किचन चलाना मुश्किल हो गया है। कई होटलों में मेन्यू भी सीमित करना पड़ा है। इससे ग्राहकों की संख्या पर असर पड़ रहा है और कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

घरेलू गैस की समस्या निस्तारण को खुला कंट्रोल रूम

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश के क्रम में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। एडीएम आपूर्ति अमित कुमार ने कंट्रोल रूम तीन कर्मियों की तैनाती करते हुए मोबाइल नंबर जारी किया है। इसमें क्षेत्रीय खाद्य व नोडल अधिकारी सुषमा देवी-मो.नं – 8546028030, आपूर्ति लिपिक सुकेश शर्मा- 9648535561 व कृष्ण शर्मा-9473656060 पर कोई भी व्यक्ति फोन कर जानकारी ले सकता है।

कहा कि उपभोक्ता घरेलू गैस की आपूर्ति , पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति कालाबाजारी आदि के बारे में सूचना दे सकता है। एडीएम आपूर्ति ने कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों को शिकायतें रजिस्टर में दर्ज करते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है ताकि समस्या का निस्तारण समय से हो सके।

गैस नहीं मिलने से कोयला हुआ महंगा

चाय और फास्टफूड के दाम बढ़े, पर्यटक परेशान, कोयले के दामों में 10 से 20 रुपये तक की वृद्धि

शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब छोटे कारोबारियों और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस समय पर न मिलने के कारण चाय, नाश्ता और फास्टफूड बेचने वाले कई दुकानदार अब कोयले का सहारा लेने लगे हैं। मांग बढ़ने से बाजार में कोयले की कीमतों में भी 10 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।

दुकानदारों का कहना है कि पहले जो कोयला 35 से 40 रुपये किलो मिल जाता था, अब वही 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। लागत बढ़ने के कारण कई दुकानदारों ने चाय, समोसा, कचौड़ी और अन्य फास्टफूड के दाम बढ़ा दिए हैं। इसका असर शहर आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ रहा है। घाटों और प्रमुख बाजारों के आसपास चाय और नाश्ते के दाम बढ़ने से पर्यटक भी हैरान हैं।

कुछ पर्यटकों का कहना है कि पहले जहां 10 रुपये में चाय मिल जाती थी, वहीं अब 15 से 20 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आगे और भी दाम बढ़ सकते हैं। इससे छोटे कारोबारियों के साथ-साथ आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।

दोगुनी हो रही गैस बुकिंग

एलपीजी गैस की बुकिंग करवाने के लिए एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। बुकिंग कराने वालों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। लंका स्थित मुकुंद गैस सर्विस प्रतिदिन 650 लोगों की बुकिंग हो रही हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह से बंद है। एजेंसी के मैनेजर जगदीश सिंह ने बताया कि पहले एक दिन में करीब 300 लोगों की बुकिंग होती थी, लेकिन अब संख्या 650 पहुंच गयी है।

रोज स्टॉक चेक करें अफसर : डीएम

पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गैस गोदाम, एजेंसी, पेट्रोल पंपों पर भी नियमित रूप से जांच कर स्टॉक, वितरण और भंडारण की जानकारी ली जा रही है। लोगों की सहूलियत के लिए मुख्य सचिव के निर्देश पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।

प्रशासन जिले में हो रही पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण की निगरानी कर रहा है। इसको लेकर भ्रम और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अफवाह फैलाने की धरपकड़ के लिए सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। गैस सिलेंडर के अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लोगों को प्रतिदिन पते पर घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है।

गैस बुकिंग के बाद सामान्य तरीके से पूर्व की भांति डिलीवरी की जा रही है। कालाबाजारी, ओवर स्टाक, ओवर रेटिंग करने वालों की धरपकड़ के लिए भी टीमें गठित कर दी गयी है। क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारियों को गैस गोदामों पर भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति या संस्थान की ओर से अनाधिकृत तरीके से गैस सिलेंडर का भंडारण न किया जाए इसके लिए आकस्मिक रूप से छापेमारी कर जांच पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियो के संचालकों को भी को किसी भी प्रकार की लापरवाही या कृत्रिम कमी पैदा न करने की हिदायत दी गयी है। यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी या वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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