यूपी में गैस को लेकर हंगामा: सड़क पर उतरे सपा कार्यकर्ता, पुलिस ने हिरासत में लिया

यूपी में गैस को लेकर हंगामा: सड़क पर उतरे सपा कार्यकर्ता, पुलिस ने हिरासत में लिया

(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। कई जगहों पर उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी 4 से 5 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।

इसी बीच कुछ जिलों से सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं।गोरखपुर में प्रशासन ने ब्लैक मार्केटिंग के आरोप में दो गैस एजेंसियों पर बड़ी कार्रवाई की। जांच के बाद दोनों एजेंसियों को सील कर दिया गया, जबकि मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि गैस की अवैध बिक्री या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

दूसरी ओर राजधानी लखनऊ में गैस की किल्लत को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर गाड़ियों में बैठाया और इको गार्डन भेज दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन पर चढ़ते भी नजर आए।

यूपी में गैस को लेकर हंगामा: सड़क पर उतरे सपा कार्यकर्ता, पुलिस ने हिरासत में लिया

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल बयानबाजी कर रही है, जबकि आम जनता को गैस की कमी और महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।कानपुर में प्रशासन ने अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ छापेमारी की, जहां से 49 सिलेंडर बरामद किए गए। वहीं पाइपलाइन से गैस सप्लाई बाधित होने के कारण 150 से ज्यादा बड़ी फैक्ट्रियों पर असर पड़ा है। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन के अनुसार यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और करीब एक लाख लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है।

गैस की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखने लगा है। आगरा में जहां पहले 20 रुपये में मिलने वाली चाय अब 25 रुपये में बिक रही है, वहीं गोरखपुर में बुधवार को हुई 500 से अधिक शादियों में कई जगह सिलेंडर न मिलने के कारण लकड़ी पर खाना बनाना पड़ा। कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने मिट्टी के चूल्हे और उपलों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है और सप्लाई व्यवस्था सामान्य है। गैस कंपनियों की ओर से भी उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर किल्लत की खबरों को अफवाह बताया गया है।

यूपी में गैस को लेकर हंगामा: सड़क पर उतरे सपा कार्यकर्ता, पुलिस ने हिरासत में लिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में करीब 4.26 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 1.87 करोड़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जारी किए गए हैं। प्रदेश में रोजाना करीब 5 से 6 लाख सिलेंडरों की खपत होती है।

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