वाराणसी (रणभेरी): UP बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। परीक्षाओं के समाप्त होते ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मूल्यांकन को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश दिए हैं कि मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। तय कार्यक्रम के अनुसार कॉपियों की जांच 18 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चलेगी और इसे 25 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मूल्यांकन कार्य के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षकों के लिए प्रतिदिन जांचने वाली कॉपियों की संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। इसके तहत एक परीक्षक हाईस्कूल की अधिकतम 50 कॉपियां प्रतिदिन जांच सकेगा, जबकि इंटरमीडिएट की 45 कॉपियां जांचने का मानक तय किया गया है।
उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वाले शिक्षकों को पारिश्रमिक भी दिया जाएगा। हाईस्कूल की एक कॉपी जांचने पर 14 रुपये, जबकि इंटरमीडिएट की एक कॉपी पर 15 रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।
मूल्यांकन अवधि के दौरान एक परीक्षक को हाईस्कूल की अधिकतम 700 कॉपियां ही दी जाएंगी। वहीं इंटरमीडिएट में 600 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं नहीं दी जाएंगी। कला विषय के परीक्षकों को अधिकतम 800 कॉपियों का मूल्यांकन करने की अनुमति होगी।
उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत कक्षों में भंडारण की व्यवस्था की गई है। मूल्यांकन केंद्रों पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन के दौरान मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सभी परीक्षकों को निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
