वाराणसी (रणभेरी): भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सोमवार को धर्म नगरी काशी पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सहवाग ने अपनी काशी यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, ‘जहां महादेव का बुलावा आ जाए, वहां जाना अपने आप में सौभाग्य है।’
काशी प्रवास के दौरान सहवाग का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। वह टोपी और मास्क लगाकर आम श्रद्धालु की तरह बनारस की गलियों में घूमते रहे। इस दौरान उन्हें कोई पहचान नहीं सका। उन्होंने वाराणसी के कई मंदिरों में भी दर्शन-पूजन किया। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सहवाग करीब आधे घंटे तक बैठे और भगवान शिव की आराधना की। इस दौरान उन्होंने ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप भी किया। बताया जाता है कि वह चौक थाने से मंदिर के गेट नंबर चार तक करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे।

मुल्तान में तिहरा शतक जड़कर बने थे ‘सुल्तान’
क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले वीरेंद्र सहवाग को दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में गिना जाता है। ‘नजफगढ़ के नवाब’ और ‘मुल्तान के सुल्तान’ के नाम से मशहूर सहवाग ने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी की परिभाषा बदल दी थी।
सहवाग ने वर्ष 1999 में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और 2001 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। टेस्ट करियर की शुरुआत उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाकर की थी। मार्च 2004 में पाकिस्तान के मुल्तान में 309 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर वह टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। इसी उपलब्धि ने उन्हें ‘मुल्तान का सुल्तान’ का खिताब दिलाया।
278 गेंदों में 319 रन बनाकर रचा इतिहास
सहवाग के नाम टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज तिहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वर्ष 2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने महज 278 गेंदों पर 319 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। वह टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं।
वनडे क्रिकेट में भी सहवाग ने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया। दिसंबर 2011 में इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इसके साथ ही वह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। अपनी आक्रामक शैली और शानदार प्रदर्शन के दम
