- सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल
- अहमदाबाद मेट्रो के दो फेज और अहमदाबाद-मेहसाणा हाईवे के विस्तार की रखेंगे आधारशिला
(रणभेरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वे एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने यहां 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा किया।

एकता नगर में शुरू की गई विकास परियोजनाओं में सीवेज और जल शोधन संयंत्र, प्रकाश व्यवस्था, नर्मदा घाट का विकास, IRCTC होटल तथा रेन फॉरेस्ट, यूनिटी ट्रेल और इको ट्रेल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
अहमदाबाद मेट्रो के दो नए फेज की रखेंगे आधारशिला
प्रधानमंत्री अपने गुजरात दौरे के दौरान अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2A और फेज-2B की आधारशिला भी रखेंगे। मेट्रो के फेज-2A की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक होगी। इसके तहत कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट तक पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। वहीं, फेज-2B की लंबाई 3.3 किलोमीटर से अधिक होगी। इसमें गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक तीन स्टेशन शामिल होंगे।
अहमदाबाद-मेहसाणा हाईवे आठ लेन का होगा
प्रधानमंत्री करीब 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा रोड (स्टेट हाईवे-41) को चार लेन से आठ लेन में अपग्रेड और मजबूत करने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के पूरा होने से अहमदाबाद और उत्तरी गुजरात के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
गुजरात में 4,030 नए बाल अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे
महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री कई परियोजनाओं की सौगात देंगे। वे गुजरात में 4,030 नए चाइल्ड फ्रेंडली आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और तैयार हो चुके 361 आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र की 4,950 करोड़ की परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत पूरी की गई 521 परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनकी कुल लागत करीब 4,950 करोड़ रुपये है।
इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, एकीकृत प्राथमिक एवं द्वितीयक प्रसंस्करण सुविधाएं और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं। इन सुविधाओं से कृषि उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
