1000 मेधावी छात्राओं को बांटी जानी थीं साइकिलें, मंच और टेंट उखाड़े गए; आयोजक पर 10.86 लाख रुपये का जुर्माना
(रणभेरी): गाजियाबाद में लोनी के गढ़ी कट्टैया गांव में गरीब और मेधावी छात्राओं को साइकिल वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार देर रात पुलिस और नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई में आयोजन स्थल पर बनाया गया मंच और टेंट बुलडोजर से हटवा दिया गया। कार्यक्रम के आयोजक सपा नेता अनुज प्रधान को भी पुलिस ने करीब छह घंटे तक हिरासत में रखे जाने का दावा किया है। वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने आयोजनकर्ता पर 10,86,930 रुपये का जुर्माना लगाया है। मामले को लेकर सपा सांसद डिंपल यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
डिंपल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में राजनीति करते हुए बुलडोजर चलवाना और टेंट उखड़वा देना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान और उनका भविष्य किसी भी राजनीति से बड़ा है।
रविवार को बांटी जानी थीं एक हजार साइकिलें
लोनी के गढ़ी कट्टैया गांव निवासी सपा नेता अनुज प्रधान ने रविवार, 25 अक्टूबर को पीडीए सम्मान समारोह के साथ एक हजार गरीब छात्राओं को साइकिल वितरित करने का कार्यक्रम रखा था। इसके लिए गांव में बड़ा पंडाल और मंच तैयार कराया गया था। आयोजक के अनुसार, लोनी के 55 नगर पालिका वार्डों और ग्राम पंचायतों से छात्राओं के दस्तावेज जुटाए गए थे। साइकिलें भी फार्महाउस पर एकत्र की गई थीं।

अनुज प्रधान का कहना है कि उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूसरे गांव तक पैदल जाते देखा था। कई छात्राओं को करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। इसी को देखते हुए उन्होंने अपने परिवार के साथ जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल देने का फैसला किया था।
छह घंटे हिरासत में रखने का आरोप
आयोजक और उनके परिजनों के मुताबिक, कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार को पुलिस ने अनुज प्रधान को बातचीत के लिए अंकुर विहार स्थित सीओ कार्यालय बुलाया था। अनुज का दावा है कि वह शाम करीब छह बजे कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें लगभग छह घंटे तक हिरासत में रखा गया। इसी दौरान आयोजन स्थल पर बुलडोजर चलाकर मंच और टेंट हटा दिए गए। वहां रखा सामान वाहनों में भरकर ले जाया गया।
आयोजक ने कहा- अनुमति लेने के बाद भी रोका कार्यक्रम
अनुज प्रधान ने दावा किया कि कार्यक्रम के लिए नगर पालिका से बाकायदा अनुमति ली गई थी और इससे संबंधित दस्तावेज पुलिस को भी दिखाए गए थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी और कार्यक्रम रुकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों की ओर से कार्यक्रम की अनुमति नहीं होने को लेकर अफवाह फैलाई गई। अनुज प्रधान ने कहा कि वह हर हाल में छात्राओं को साइकिल वितरित करेंगे और अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए जेल भी जाना पड़े तो वह तैयार हैं।

नगर पालिका ने अनुमति नहीं होने की बात कही
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इसी आधार पर आयोजन स्थल पर कार्रवाई की गई। प्रशासन की ओर से आयोजक पर 10,86,930 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, अनुमति को लेकर आयोजक और प्रशासन के दावों में विरोधाभास है।
पुलिस ने कार्रवाई से किया इनकार
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने मामले में कहा कि यह नगर पालिका से जुड़ा विषय है। कार्यक्रम की अनुमति थी या नहीं, इसकी जानकारी नगर पालिका प्रशासन ही दे सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम नगर पालिका ने रुकवाया है। पुलिस ने न तो कार्यक्रम रुकवाया और न ही किसी आयोजक को हिरासत में लिया।
कार्यक्रम को लेकर सपा और प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद मामला राजनीतिक रूप लेता दिखाई दे रहा है। फिलहाल, अनुमति से जुड़े दावों और कार्रवाई की परिस्थितियों को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं।
