SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राहुल गांधी-अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को नोटिस; CJI बोले- न्यायपालिका को कोई डरा नहीं सकता

SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राहुल गांधी-अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को नोटिस; CJI बोले- न्यायपालिका को कोई डरा नहीं सकता

(रणभेरी): मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं से जुड़े मामले में नोटिस जारी किया है। अदालत ने निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को किसी भी तरह के दबाव में नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अदालत को देश में चल रही गतिविधियों और सार्वजनिक बयानों की पूरी जानकारी रहती है।

अदालत ने कहा- जमीनी हालात से अनजान नहीं हैं

सुनवाई के दौरान वकीलों ने SIR के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के मार्च का उल्लेख करते हुए न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश का सवाल उठाया। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत जमीनी परिस्थितियों से अनजान नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को डराने या धमकाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के न्यायाधीश किसी अलग दुनिया में नहीं रहते। उन्हें बाहर दिए जा रहे बयानों और अदालत के भीतर रखे जा रहे पक्षों की जानकारी है।

कपिल सिब्बल से अदालत ने जताई आपत्ति

राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से बातचीत के दौरान CJI ने कहा कि नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत किसी पक्ष के आचरण की निंदा कर रही है। हालांकि, उन्होंने एक अलग आपत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि अगली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं में से एक के व्यवहार के संबंध में सवाल किया जा सकता है। अदालत की इस टिप्पणी के बाद मामले में नेताओं के आचरण और SIR से संबंधित कानूनी सवालों पर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

SIR प्रक्रिया पर विपक्ष ने उठाए सवाल

मामले की पृष्ठभूमि में 12 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किए जाने का जिक्र है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दाखिल की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी से जवाब मांगा है। याचिका में SIR की प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

जंतर-मंतर और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई

इसी बीच, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। इसके अतिरिक्त, चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर असदुद्दीन ओवैसी सहित विभिन्न नेताओं की ओर से दाखिल याचिकाओं पर भी अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। SIR विवाद पर अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में संबंधित पक्षों के जवाब और न्यायपालिका की आगे की टिप्पणियों से इस मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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