(रणभेरी): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों दलों के शासनकाल में जनता और किसानों के हितों की अनदेखी हुई। उन्होंने कांग्रेस को अपना नेतृत्व बदलने की सलाह देते हुए कहा कि जिस नेतृत्व पर जनता का भरोसा खत्म हो गया हो, उसे बदलने पर विचार करना चाहिए। योगी ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस राजनीतिक असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए अराजकता का सहारा लेती रही, तो जनता उसे और बड़ा राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकती है।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में किसानों को आपदा राहत राशि वितरित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के 9.18 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की। यह धनराशि बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवात के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी गई। कार्यक्रम से पहले उन्होंने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में 500 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।
हुदहुद चक्रवात के मुआवजे को लेकर सपा पर आरोप
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय केंद्र सरकार की ओर से किसानों की सहायता के लिए 3,200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि शेष राशि का उचित इस्तेमाल नहीं हुआ और किसानों को उनके हक से वंचित रहना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने इस मामले की जांच कराई। जांच में कथित तौर पर मुआवजे के वितरण में कमी सामने आई, जिसके बाद अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों के खातों में भुगतान कराया गया। उन्होंने सपा पर जातिगत राजनीति करने और किसानों के हितों की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।
बिजली गिरने से मौत पर 24 घंटे में सहायता का दावा
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से लोगों को बचाने के लिए कई जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था के माध्यम से मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजकर लोगों को समय रहते सतर्क किया जाता है।
योगी के मुताबिक, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। उन्होंने यह भी कहा कि चक्रवात और भारी बारिश से फसलों को नुकसान होने की स्थिति में सरकार ने दस दिनों के भीतर मुआवजा पहुंचाने की दिशा में काम किया है।
कांग्रेस के पुराने शासन पर भी साधा निशाना
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले सरकारी योजनाओं के लिए भेजी जाने वाली धनराशि का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के चर्चित बयान का संदर्भ देते हुए कहा कि पहले व्यवस्था में भ्रष्टाचार के कारण लाभार्थियों तक सहायता का बहुत छोटा हिस्सा पहुंचता था।
योगी ने कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। उनके अनुसार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और किसानों को सहायता राशि मिलने में पारदर्शिता बढ़ी है।
कटान प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ के कारण नदी कटान से प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सड़कों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सरकार आवश्यक संसाधन मुहैया कराएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपदा से प्रभावित नागरिकों, युवाओं और व्यापारियों को सहायता उपलब्ध कराने में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही, कटान प्रभावित क्षेत्रों में काम कराने के लिए बीवीजी-रामजी के माध्यम से भी व्यवस्था किए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राहत राशि का सीधे खातों में हस्तांतरण इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
