वाराणसी (रणभेरी): काशी में प्रस्तावित एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था तैयार की जा रही है। हवा, गंगा और जमीन-तीनों स्तरों पर होने वाली संभावित घटनाओं के लिए पहले से रिस्पॉन्स सिस्टम तय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष एयर शो की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। सीएम ने आयोजन को प्रदेश स्तर का महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसकी तैयारियां बड़े आयोजनों की तर्ज पर की जाएं। उन्होंने उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ जैसे आयोजनों के अनुभव का उपयोग करने पर जोर दिया।

तीनों मोर्चों पर पहले से तय होगी जिम्मेदारी
एयर शो के दौरान किसी घटना के बाद तत्काल निर्णय लेने में समय न लगे, इसके लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार किया जा रहा है। विमान से जुड़ी आपात स्थिति, गंगा में किसी हादसे या जमीन पर किसी अप्रत्याशित घटना के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों की जिम्मेदारी पहले से निर्धारित रहेगी।
आपदा प्रबंधन की इस व्यवस्था में एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी शामिल की जाएगी। एयरफोर्स, पुलिस, जिला प्रशासन, रेलवे, रोडवेज और जलमार्ग से जुड़े विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की योजना बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर आसपास के जिलों से मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त संसाधन भी बुलाए जा सकेंगे।
तीन कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
आपात स्थिति में सूचना मिलने से लेकर राहत और उपचार तक की पूरी प्रक्रिया को एक नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन से जुड़े तीन अलग-अलग कंट्रोल रूम प्रस्तावित हैं।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने में ट्रैफिक बाधा न बने, इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल बैकअप के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में इमरजेंसी व आईसीयू बेड आरक्षित रखने की तैयारी है। आयोजन स्थल के आसपास के अस्पतालों को चिन्हित किया गया है। मेडिकल इमरजेंसी के लिए 23 ब्लड बैंकों को भी सूचीबद्ध किया गया है।
97 एंबुलेंस की रहेगी व्यवस्था
एयर शो के दौरान वाराणसी में 58 एंबुलेंस तैनात रखने की तैयारी है। आवश्यकता बढ़ने पर पड़ोसी जिलों से 39 अतिरिक्त एंबुलेंस मंगाई जा सकेंगी। इस तरह जरूरत पड़ने पर कुल 97 एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
21 समितियों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारी
आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए 21 समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को घाटों की व्यवस्था, मेडिकल सेवाएं, कंट्रोल रूम, आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, अतिथियों के पास, स्वागत, आवास और परिवहन समेत अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

मीडिया प्रबंधन के साथ वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के लिए भी अलग व्यवस्था रहेगी। नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक की व्यवस्था एक समिति देखेगी, जबकि रामनगर और डोमरी क्षेत्र के लिए अलग टीम जिम्मेदार होगी।
पक्षियों की गतिविधियों पर भी रहेगी नजर
एयर शो के दौरान पक्षियों की मौजूदगी को भी सुरक्षा के लिहाज से अहम माना गया है। इसके लिए विशेष बर्ड कंट्रोल कमेटी बनाई गई है, जो आयोजन क्षेत्र में पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
सड़क और नदी मार्ग से आने-जाने की व्यवस्था के लिए ट्रांसपोर्ट कमेटी गठित की गई है। इसके अलावा मेडिकल कवर और कंट्रोल रूम संचालन के लिए भी अलग-अलग टीमें जिम्मेदारी संभालेंगी।
बड़े आयोजनों जैसा होगा इंतजाम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि एयर शो को सामान्य कार्यक्रम की तरह न लिया जाए। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है और इसकी तैयारियां उसी स्तर की होनी चाहिए, जिस स्तर पर प्रदेश ने डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों का प्रबंधन किया है।
प्रशासन का फोकस आयोजन के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा, यातायात, नदी मार्ग और आपदा प्रबंधन को एकीकृत व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
