रोपवे आएगा, लेकिन पानी से कैसे बचेगा रास्ता?

रोपवे आएगा, लेकिन पानी से कैसे बचेगा रास्ता?

चितईपुर से गदौलिया तक बारिश ने खोली सड़कों और जलनिकासी व्यवस्था की पोल

वाराणसी (रणभेरी): काशी में विकास की नई तस्वीर पेश करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें रोपवे परियोजना भी प्रमुख है, जिसके शुरू होने से शहर में यातायात का दबाव कम होने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बुधवार को हुई महज कुछ देर की बारिश ने शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

शहर के कई हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव और खराब सड़कों की स्थिति देखने को मिली। चितईपुर से लेकर बनारस रेलवे स्टेशन के आसपास तक कई स्थानों पर सड़कें पानी और गड्ढों से जूझती नजर आईं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गदौलिया में घुटने तक पानी

काशी के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शामिल गदौलिया में करीब 20 से 25 मिनट की बारिश के बाद स्थिति गंभीर हो गई। सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि पैदल चलने वालों को भी परेशानी हुई। बाजार क्षेत्र में दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों तक पहुंचने और ग्राहकों को आने-जाने में दिक्कत हुई।

रोपवे आएगा, लेकिन पानी से कैसे बचेगा रास्ता?

गदौलिया की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि प्रस्तावित रोपवे का स्टेशन यात्रियों को इसी इलाके के करीब उतारेगा। ऐसे में परियोजना के शुरू होने के बाद यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ना तय माना जा रहा है।

स्टेशन से उतरने के बाद पानी से सामना?

रोपवे का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है। लेकिन यदि स्टेशन के आसपास बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी रहती है तो यात्रियों की परेशानी कम होने के बजाय नया सवाल खड़ा हो सकता है।

रोपवे से उतरकर पर्यटकों को बाजार, मंदिरों और घाटों की तरफ पैदल या अन्य साधनों से जाना होगा। ऐसे में जलभराव वाले रास्ते उनके अनुभव को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए शहर की पहली छवि साफ-सुथरे और सुगम रास्तों से बनती है।

बड़ी परियोजनाओं के साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर जरूरी

शहर में रोपवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं काशी के विकास और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। लेकिन इनके साथ सड़क, नाली, जलनिकासी, फुटपाथ और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना भी जरूरी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। कई इलाकों में थोड़ी देर की बारिश के बाद ही सड़कें पानी से भर जाती हैं। इससे रोजमर्रा के आवागमन पर असर पड़ता है और दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।

रोपवे आएगा, लेकिन पानी से कैसे बचेगा रास्ता?

बारिश ने विकास की प्राथमिकताओं पर उठाया सवाल

काशी को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की कोशिशों के बीच बारिश की तस्वीरें शहर की दूसरी हकीकत सामने ला रही हैं। एक ओर करोड़ों रुपये की परिवहन परियोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई प्रमुख सड़कों पर जलनिकासी और सड़क की स्थिति अभी भी चुनौती बनी हुई है।

शहर को वास्तव में आधुनिक बनाने के लिए नई परियोजनाओं के साथ पुरानी समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। रोपवे यात्रियों को शहर के ऊपर से सफर जरूर कराएगा, लेकिन जमीन पर उतरने के बाद उन्हें बेहतर सड़क और जलनिकासी मिलेगी या नहीं, फिलहाल यह सवाल बना हुआ है।

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