(रणभेरी): सुभाषनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात भाजपा नेता की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। वह रात में खाना खाने के बाद घर से टहलने के लिए निकले थे। घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे। उस समय सचिन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े थे। स्थानीय लोगों ने उनके परिजनों को सूचना दी। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व एंबुलेंस को जानकारी दी। घायल सचिन को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वारदात जिला मुख्यालय से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर हुई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद सामने आया है।

खाना खाने के बाद निकले थे टहलने
मांझे वाली बगिया इलाके में रहने वाले सचिन कश्यप (28) शुक्रवार रात परिवार के साथ मौजूद थे। परिजनों के मुताबिक, खाना खाने के बाद वह करीब 10 बजे घर से बाहर टहलने के लिए निकले थे। घर से कुछ दूरी पर पहुंचते ही हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले सचिन के साथ गाली-गलौज की और इसके बाद चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से सचिन ने बचने के लिए शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की तरफ आने लगे। लोगों को आता देखकर हमलावर मौके से बाइक लेकर भाग निकले।

खून से लथपथ मिले सचिन
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। सचिन वहां गंभीर हालत में पड़े थे और काफी खून बह चुका था। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने सचिन की जांच की। हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष थे
सचिन कश्यप भाजपा ओबीसी मोर्चा से जुड़े हुए थे। वह मणिनाथ मंडल में ओबीसी मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके साथ ही वह एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे। सचिन के परिवार में माता गुड़िया देवी, पिता चंद्र प्रकाश, दो भाई और पांच बहनें हैं। उनकी शादी हो चुकी थी। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे महिमा (12), अरुणा (8) और शिवांश (4) हैं। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पैसों के लेनदेन को लेकर पहले हुआ था विवाद
परिजनों ने हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन को लेकर चल रहे पुराने विवाद को वजह बताया है। सचिन के भाई सनी के मुताबिक, कुछ समय पहले बाबू नाम के युवक के साथ सचिन का पैसों को लेकर विवाद हुआ था।
विवाद बढ़ने के बाद स्थानीय लोगों और परिचितों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था। परिवार का आरोप है कि समझौते के बावजूद दूसरे पक्ष की सचिन से रंजिश बनी हुई थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि इसी पुरानी दुश्मनी के चलते सचिन की हत्या की गई। परिवार ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाई ने हत्यारोपियों के एनकाउंटर की मांग भी की है।
तीन अज्ञात लोगों पर केस, गिरफ्तारी के लिए दबिश
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सीओ नितिन कुमार के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
